अमर ज्वाला // मंडी
द्रंग ब्लॉक कांग्रेस ने बिजनी में उपस्थित जलशक्ति विभाग के विश्राम गृह के साथ मैदान में “मनरेगा बचाओ अभियान” के तहत आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तबादलों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, सिराज कांग्रेस नेता जगदीश रेडी, द्रंग कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष वामन ठाकुर, जोगिंदर गुलेरिया, कृष्णपाल और कर्म सिंह भाटिया सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अपने संबोधन में कौल सिंह ठाकुर ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के शिक्षकों की पदोन्नति के बाद 32 मुख्याध्यापकों के एडजस्टमेंट से संबंधित नोट मुख्यमंत्री से अप्रूव करवाए थे, लेकिन इसके बावजूद सभी 32 मुख्याध्यापकों के तबादले दुर्गम क्षेत्रों में कर दिए गए। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री द्वारा “अप्रूव” लिखते ही आदेश तुरंत उसी स्थान पर लागू हो जाते थे और कोई अधिकारी उसे टाल नहीं सकता था। लेकिन वर्तमान सरकार में मुख्यमंत्री के “अप्रूवड” नोट के बाद भी आदेश बदल दिए जा रहे हैं या देरी से जारी हो रहे हैं।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली से पार्टी समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है, जो अब खुलकर सामने आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होने चाहिए, ताकि जनता और कार्यकर्ताओं का भरोसा बना रहे।
इस बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस सरकार और हिमाचल की राजनीतिक सियासत में हलचल तेज हो गई है।
