क्लीन मंडी, ग्रीन मंडी 2026” अभियान को लेकर विद्यालयों के साथ जागरूकता कार्यशाला
आयुक्त रोहित राठौर की अध्यक्षता में आयोजित हुई कार्यशाला
अमर ज्वाला //मंडी
मंडी, 16 अप्रैल। नगर निगम मंडी द्वारा अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं उनके प्रतिनिधियों के साथ नगर निगम के सभागार में एक जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता आयुक्त नगर निगम मंडी रोहित राठौर ने की। इस दौरान स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा विद्यालयों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के बारे में जानकारी दी गई तथा कचरे के पृथक्करण के महत्व को सरल तरीके से समझाया गया।
आयुक्त बोले- कचरे का पृथक्करण स्वच्छता की दिशा में अहम कदम
आयुक्त रोहित राठौर ने कहा कि घर, विद्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे को अलग-अलग एकत्र करना स्वच्छता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर अभियान के तहत शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा हिमाचल दिवस के अवसर पर 15 अप्रैल को सेरी मंच से “क्लीन मंडी, ग्रीन मंडी 2026” अभियान की शुरुआत की गई थी। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन के प्रति व्यापक जनजागरूकता बढ़ाना और समाज में स्वच्छ व्यवहार को प्रोत्साहित करना है। इसी के तहत यह कार्यशाला आयोजित की गई।
सोशल मीडिया के माध्यम से भी चलाया जा रहा अभियान
उन्होंने बताया कि बदलते समय के अनुसार नगर निगम मंडी द्वारा सूचना, आईईसी के आधुनिक माध्यमों को अपनाते हुए इस अभियान को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। 15 अप्रैल को मंत्री द्वारा एक जागरूकता गीत भी लॉन्च किया गया, जिसके आधार पर “क्लीन मंडी, ग्रीन मंडी 2026” सोशल मीडिया अभियान आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत सभी विद्यालयों को अपने विद्यार्थियों के माध्यम से स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर लघु वीडियो (रील्स) तैयार कर सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए प्रेरित किया गया है। यह अभियान 15 मई 2026 तक जारी रहेगा।
विद्यार्थियों की भागीदारी से बढ़ेगी जनजागरूकता
आयुक्त ने कहा कि विद्यार्थी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यालय अपने स्तर पर स्वच्छता से संबंधित कार्यशालाएं आयोजित कर विद्यार्थियों को निरंतर जागरूक करेंगे। बच्चों के माध्यम से दिया गया संदेश समाज में तेजी से फैलता है और एक श्रृंखलाबद्ध प्रभाव उत्पन्न करता है, जिससे व्यापक स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता सुनिश्चित होती है।
