हिमाचल की पंचायतों ने देशभर में लहराया परचम, शांशा को मिला प्रथम राष्ट्रीय सम्मान
नई दिल्ली/शिमला,
हिमाचल प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का लोहा मनवाते हुए देशभर में प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 समारोह में हिमाचल प्रदेश की दो पंचायतों को उनके उत्कृष्ट विकास कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। जिसमें हिमाचल की पंचायतों ने देशभर में परचम लहराते हुए शांशा पंचायत के प्रधान प्रशांत शर्मा को प्रथम राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
सबसे बड़ी उपलब्धि ग्राम पंचायत शांशा, विकास खंड लाहौल, जिला लाहौल-स्पीति के नाम रही, जिसने सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत” श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान हासिल करते हुए 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की।
दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र में विकास का बना राष्ट्रीय मॉडल
ग्राम पंचायत शांशा को सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता, महिलाओं की भागीदारी और समावेशी सुशासन के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। पंचायत ने मनरेगा के तहत व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने, पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने, आईसीडीएस सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा महिला ग्राम सभाओं के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाने में उत्कृष्ट कार्य किया है।
लोहारड़ी पंचायत ने स्वच्छता और हरित विकास में बनाया कीर्तिमान
वहीं ग्राम पंचायत लोहारड़ी, विकास खंड बल्ह, जिला मंडी ने स्वच्छ एवं हरित पंचायत” श्रेणी में संयुक्त तृतीय स्थान प्राप्त करते हुए 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि हासिल की।
लोहारड़ी पंचायत को शत-प्रतिशत घरेलू शौचालय सुविधा, खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति बनाए रखने, एलपीजी के सार्वभौमिक उपयोग, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था, कचरे के पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, सौर ऊर्जा आधारित विकास कार्यों तथा पर्यावरण संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सराहा गया।
केंद्रीय मंत्री ने किया सम्मानित
ये प्रतिष्ठित पुरस्कार केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा देशभर से आए पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति में प्रदान किए गए।
हिमाचल प्रदेश की ओर से यह सम्मान राघव शर्मा ने ग्राम पंचायत शांशा के प्रधान प्रशांत तथा विभागीय अधिकारियों के साथ प्राप्त किया।
ग्रामीण विकास और सुशासन का प्रमाण
राज्य सरकार एवं पंचायती राज विभाग ने दोनों पंचायतों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान हिमाचल प्रदेश में सतत ग्रामीण विकास, पारदर्शी प्रशासन, समावेशी सुशासन और जनसशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना है।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 में मिली यह सफलता न केवल संबंधित पंचायतों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उपलब्धि है, जो यह दर्शाती है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी योजनाबद्ध विकास और जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की
