चौहार घाटी से निकला नशामुक्त समाज का संदेश, देव समाज के फैसले की हर ओर सराहना
सुभाष ठाकुर*******
चौहार घाटी की शिल्हबुधानी पंचायत के मूल ठांव डेहरा बुधान गांव में देवता शिल्ह गहरी का भव्य नव-निर्मित मंदिर पारंपरिक काठ-कुनी शैली में तैयार किया गया है। लगभग 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस मंदिर के निर्माण में चौहार घाटी की समस्त जनता, श्रद्धालुओं, देव समाज में आस्था रखने वाले लोगों तथा देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले देवता शिल्ह गहरी के भक्तों ने अपनी श्रद्धानुसार अंशदान देकर योगदान दिया है।

देवता शिल्ह गहरी चौहार घाटी के उन आठ प्रमुख देवताओं में शामिल हैं जो ऐतिहासिक काहिका मेले में विशेष रूप से भाग लेते हैं। मंदिर निर्माण में चौहार घाटी के अन्य सात प्रमुख देवताओं एवं उनके कारदारों ने भी सहयोग देकर देव एकता और सांस्कृतिक भाईचारे का परिचय दिया है।
देवता शिल्ह गहरी मंदिर की प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन 27, 28 और 29 जून 2026 ,को किया जाएगा। 25 जून को देवता शिल्ह गहरी का पवित्र रथ निकलेगा, 26 जून को देवता अपने मूल स्थान पहुंचेंगे । 27 जून को वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर की विधिवत प्रतिष्ठा संपन्न होगी । 28 जून को प्रातः नड़ द्वारा छिद्रा किया जाएगा तथा सुबह 10 बजे के बाद विभिन्न देव कमेटियों का स्वागत होगा। 29 जून को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। देव समाज का ऐतिहासिक निर्णय: तीन दिन शराब पूरी तरह प्रतिबंधित।
मंदिर प्रतिष्ठा समारोह को पवित्र एवं अनुशासित बनाए रखने के लिए देवता शिल्ह गहरी कमेटी ने एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय निर्णय लिया है।
देव कमेटी के प्रधान इंद्र रावत ने बताया कि देवता की आज्ञा और देव समाज की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि प्रतिष्ठा समारोह के दौरान तीन दिनों तक कोई भी व्यक्ति न शराब पियेगा और न ही किसी को पिलाएगा।
यदि कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।

प्रधान इंद्र रावत ने कहा कि प्रतिष्ठा समारोह में दूर-दराज क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, धार्मिक वातावरण की पवित्रता तथा सामाजिक अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
युवाओं को नशे से दूर रखने की अनूठी पहल
देव कमेटी का यह कदम केवल एक धार्मिक निर्णय नहीं बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। घाटी के बुद्धिजीवियों और देव समाज से जुड़े लोगों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में युवाओं को नशे से दूर रखने और देव संस्कृति की गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
देव परंपरा में पहले से ही मंदिर परिसर में बीड़ी और सिगरेट का सेवन तथा उन्हें ले जाना वर्जित माना जाता है। ऐसे में प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान शराब पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्णय देव संस्कृति की मर्यादाओं को और अधिक मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
समूची घाटी के लिए प्रेरणादायक संदेश
चौहार घाटी से निकला यह संदेश केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में नशामुक्ति, अनुशासन, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। देव समाज के इस फैसले की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है और इसे आने वाले समय में अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी एक आदर्श पहल माना जा रहा है।
देव कमेटी ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत
देवता शिल्ह गहरी कमेटी ने समस्त श्रद्धालुओं, देव समाज और क्षेत्रवासियों को प्रतिष्ठा महोत्सव में सपरिवार पधारने का आमंत्रण दिया है। देव कमेटी प्रधान,इंद्र रावत,मेम्बर , जोगिंदर सिंह, शेर सिंह ,पुजारी,जगदीश चंद,भण्डारी , शेष राम गुर ,मिथुन भाटू,दुमच विजय शर्मा, उत्तम चंद, सदस्य राम लाल, सुरेश एवं समस्त देव कमेटी उपस्थित रहेगी ।
