छोटे बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही भारी परेशानी, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
सुभाष ठाकुर*******
मंडी जिले के सिराज क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता शिकारी मंदिर में इन दिनों गर्मियों के मौसम के दौरान हजारों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखाई दे रही है, जिसके कारण लोगों को कई-कई घंटों तक जाम में फंसना पड़ रहा है। इससे पुलिस विभाग तथा उपमंडल प्रशासन थुनाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर मार्ग पर कई किलोमीटर लंबे जाम के कारण उन्हें अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर पैदल ही मंदिर की ओर जाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले परिवारों को हो रही है। छोटे-छोटे बच्चों को माता-पिता को गोद में उठाकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि बुजुर्ग श्रद्धालुओं को भी पहले कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है और उसके बाद माता शिकारी मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 1070 पौड़ियों की कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
हालांकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह लंगर सेवाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन यातायात प्रबंधन के मामले में व्यवस्था लगभग शून्य नजर आ रही है। रविवार को भारी भीड़ के बावजूद मार्ग पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था दिखाई नहीं दी। परिणामस्वरूप लोग अपने वाहन बेतरतीब ढंग से सड़क किनारे खड़े कर पैदल मंदिर की ओर निकल जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
दर्शन के बाद लौटने वाले श्रद्धालुओं को भी कई-कई घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को नीचे से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना चाहिए। जितने श्रद्धालु ऊपर से वापस लौटें, उसी अनुपात में अन्य वाहनों को आगे भेजा जाए, ताकि मार्ग पर अनावश्यक दबाव न बढ़े। साथ ही सड़क के बीच और किनारों पर अव्यवस्थित पार्किंग पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि माता रानी के मुख्य द्वार तक वाहनों की आवाजाही और पार्किंग की उचित एवं नियमानुसार व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाए तथा वापसी के दौरान श्रद्धालुओं को घंटों जाम का सामना न करना पड़े, तो माता शिकारी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होगी। इससे सिराज क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर भी निरंतर बढ़ेंगे।
लोगों ने यह भी चिंता जताई है कि क्षेत्र की अधिकांश सड़कों पर निर्माण के दौरान उचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं बनाई गई। कई स्थानों पर आज तक सड़क किनारे नालियों (ड्रेनों) का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में बरसात के मौसम में सड़कें और अधिक खराब होने की आशंका है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता ने प्रशासन तथा पुलिस विभाग से मांग की है कि माता शिकारी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के लिए स्थायी एवं प्रभावी योजना बनाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके और क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।
