महाऋषि शिल्हगहरी जी की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, तीन दिन तक शराब पर पूर्ण प्रतिबंध बना अनुकरणीय पहल

अमर ज्वाला// चौहार घाटी

चौहार घाटी (मंडी): शिल्हबुधानी पंचायत के आराध्य देवता महाऋषि शिल्हगहरी जी के नव-निर्मित मंदिर की तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा एवं प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक देव संस्कृति के बीच संपन्न हुआ।

महाऋषि शिल्हगहरी का नव निर्मित mandir

इस धार्मिक आयोजन में चौहार घाटी सहित विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवताओं के कारदार, देवलु, ग्रामीण तथा हजारों श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए और देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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आयोजन के दौरान पूरे गांव में तीनों दिनों तक शराब पीने और पिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रखा गया। इस निर्णय का क्षेत्रवासियों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने पूरी निष्ठा के साथ पालन करते हुए भरपूर सहयोग दिया। आयोजन समिति की इस पहल की लोगों ने सराहना करते हुए इसे देव संस्कृति और सामाजिक अनुशासन का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

महाऋषि शिल्हगहरी का नव निर्मित मन्दिर का प्रवेश गेट

इस पावन अवसर पर मंडी प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुभाष ठाकुर जिन्होंने जिला परिषद चुनाव में चौहार घाटी की बथेरी वार्ड से भाग लिया । उनकी पूरी टीम जिसे   समाज सेवा के प्रति समर्पित अंब्रेला टीम के नाम से जाना जाता है। अनेक अनेकों सदस्य भी सुभाष ठाकुर के साथ उपस्थित रहे। पूर्व प्रधान जय सिंह,गोपाल सिंह ,ठाकुर, सोहन सिंह ठाकुर, राम देव बरोटिया जो एक मशहूर ब्लॉगर भी है, मन सिंह पगलानी, लक्की पगलानी,  इत्यादि शामिल रहे । आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे से मिलकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और भाईचारे की कामना की।

महाऋषि शिल्हगहरी  देवता का नव निर्मित मन्दिर के पास  प्रवेश गेट पर स्थानीय महिलाएं और छोटी लड़कियां  घाटी के विभिन्न देवी – देवताओं की कमेटियों तथा अन्य गणमान्य मेहमानों के लिए स्वागत गीत और देवताओं के भजन कीर्तन  करती हुई।

28 जून को मंडी प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुभाष ठाकुर भी महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने महाऋषि शिल्हगहरी जी के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। देवता कमेटी के प्रधान इंद्र रावत और पुजारी  ने उनका पारंपरिक सम्मान करते हुए स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर सुभाष ठाकुर ने भी अपनी स्वेच्छा से मंदिर निर्माण एवं धार्मिक आयोजन के लिए अंशदान देकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

श्रद्धालुओं ने महाऋषि शिल्हगहरी जी से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की। तीन दिवसीय यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और हिमाचली देव संस्कृति की समृद्ध परंपरा का भव्य उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।

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