कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ पर 4 अप्रैल 2026 को व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा“आपदा जागरूकता दिवस” – किरण भड़ाना
अमर ज्वाला// केलांग
उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण , लाहौल-स्पीति ,किरण भड़ाना ने सभी विभागाध्यक्षों, संस्थाओं एवं पंचायती राज प्रतिनिधियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ,भयावह कांगड़ा भूकंप – जिसमें 20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी – की 121वीं वर्षगांठ पर 4 अप्रैल 2026 को पूरे जिले में “आपदा जागरूकता दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के दिशा-निर्देशों पर आधारित है, जो भूकंपप्रवण क्षेत्र में रहने वाले निवासियों को सतर्क बनाने का उद्देश्य रखती है।
इस अवसर पर जिले के सभी खण्डों , पंचायतों, शहरी क्षेत्रों एवं सीमावर्ती इलाकों में व्यापक जागरूकता एवं तैयारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें शेक आउट ड्रिल (“ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन”) प्रमुख होगी। यह अभ्यास 4 अप्रैल को सुबह ठीक 11:00 बजे पूरे जिले में एक साथ किया जाएगा, जिसमें लोग तत्काल झुककर मेज के नीचे छिपेंगे और हिलते रहेंगे। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में एवेक्यूएशन ड्रिल होगी, जिसमें सुरक्षित निकासी मार्गों का अभ्यास शामिल होगा। विशेषज्ञों द्वारा आपदा तैयारियों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, साथ ही भूकंप, भूस्खलन एवं बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान करने योग्य एवं न करने योग्य बातों (जैसे लिफ्ट न उपयोग करना, खिड़कियों से दूर रहना) का पोस्टर, रेडियो, सोशल मीडिया एवं मेगाफोन के माध्यम से प्रचार-प्रसार होगा।
स्कूलों, कॉलेजों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में छात्रों एवं युवाओं के साथ मॉक ड्रिल एवं इंटरएक्टिव कार्यशालाएं होंगी, जिसमें पुरस्कार वितरण भी शामिल है। 4 अप्रैल को प्रातः 7:00 बजे जिला मुख्यालय केलांग एवं सभी प्रमुख कस्बों से नागरिक एकजुटता मार्च निकाला जाएगा, जिसमें स्थानीय नागरिक भाग लेंगे। पंचायत स्तर पर ग्राम सभा बैठकें आयोजित होंगी, जहां भूकंप प्रतिरोधी निर्माण तकनीकों, घरों की मजबूती जांच एवं सामुदायिक आपदा प्रबंधन योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि , “लाहौल-स्पीति जैसे भूकंप संवेदनशील जिले में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। इन गतिविधियों से न केवल जान-माल की रक्षा होगी, बल्कि समुदाय की एकजुटता भी मजबूत होगी। सभी विभागों, संस्थाओं एवं समुदायों से सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा है।” सभी आयोजनों का संक्षिप्त लिखित प्रतिवेदन, फोटोग्राफ एवं वीडियो क्लिपिंग 7 अप्रैल 2026, शाम 5:00 बजे तक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लाहौल-स्पीति (ईमेल:deoclahaulspiti@gmail.com या कार्यालय) को प्रेषित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि जागरूकता,जनभागीदारी एवं समय रहते तैयारी के द्वारा ही इस प्रकार की आपदा की स्थिति में लोगों के जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है ।
