जिला स्तरीय नार्को को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित

अमर ज्वाला//कुल्लू

जिला स्तरीय नार्को को-ऑर्डिनेशन (NCORD) समिति की बैठक कुल्लू में एडीएम सुरजीत सिंह राठौर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशे की रोकथाम तथा अवैध भांग व अफीम की खेती के उन्मूलन के लिए एक प्रभावी एवं बहु-विभागीय रणनीति तैयार करना था। एडीएम ने निर्देश दिए कि नशा विरोधी अभियानों को सुचारू बनाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। बैठक में पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों तथा उन पर की गई अनुपालना की समीक्षा की गई। एडीएम ने संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक गति दी जाए तथा युवाओं को खेल, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, विभिन्न विभागों के मध्य सूचना साझाकरण को मजबूत करने तथा जन-जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं तथा जिला स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक जागरूकता एवं रोकथाम गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी बैठकों में एसएसबी और आईटीबीपी के कमांडिंग अधिकारियों को भी विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि सुरक्षा बलों का सहयोग सुनिश्चित हो सके। जिले में भांग व अफीम के पौधों को नष्ट करने के लिए रासायनिक ‘वीडिसाइड’ के पायलट स्तर पर इस्तेमाल हेतु कृषि विज्ञान केंद्र बजौरा द्वारा विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, जबकि वन विभाग को अपने क्षेत्रों में भूमि के उपयोग पर निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में राजस्व विभाग के पास लंबित भूमि सीमांकन के 23 आवेदनों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए गए।

नशे के प्रसार को रोकने के लिए जिले की 28 चिन्हित संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठक अनिवार्य रूप से पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पुलिस विभाग को प्रत्येक थाना क्षेत्र में हॉटस्पॉट्स चिन्हित कर गश्त बढ़ाने तथा स्थानीय होटलों की नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। युवाओं को इस सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए नशा विरोधी संदेशों के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन पर भी बल दिया गया।बैठक में 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में अल्कोहल, सिगरेट और तंबाकू के बढ़ते चलन पर गंभीर चिंता जताई गई। इसके समाधान हेतु आबकारी और पुलिस विभाग को निर्देश जारी किए गए कि वे शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट, फ्लेवर्ड टॉफी, चॉकलेट और हुक्का पार्लरों पर कड़ी नजर रखें तथा ‘कोटपा’ अधिनियम के तहत नियम उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक चालान करना सुनिश्चित करें। एडीएम ने सभी संबंधित विभागों को जिले में नशे के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम करने का स्पष्ट निर्देश दिया।

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