मंडी में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित*

विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई

 अमर ज्वाला//मंडी,

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय मंडी के सम्मेलन कक्ष में लोकसभा सांसद एवं दिशा समिति की अध्यक्ष कंगना रणौत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विधायक इन्द्र सिंह गांधी, दिलीप ठाकुर और पूर्ण चंद ठाकुर ने भी विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव दिए।

मंडी जिले में 237 विकास कार्यों के लिए 5.12 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जो कि मंडी संसदीय क्षेत्र में स्वीकृत कुल धनराशि का 55 प्रतिशत है। मंडी संसदीय क्षेत्र में पूर्ण हुए 74 विकास कार्यों में से 68 विकास कार्य मंडी जिले में पूर्ण किए गए हैं। यह मंडी संसदीय क्षेत्र में पूर्ण हुए कुल कार्यों का 92 प्रतिशत है। मंडी जिले के लिए स्वीकृत 5.12 करोड़ रुपये की धनराशि में से 3.22 करोड़ रुपये की धनराशि राशि व्यय की जा चुकी है। शेष कार्य प्रगति पर हैं।

सांसद कंगना रणौत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग विकास योजनाओं एवं परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करें। उन्होंने दिशा समिति की गत बैठक में लिए गए निर्णयों की भी समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

’एमपीएलएडी के कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश’

कंगना रणौत ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडी) के तहत चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिशा समिति का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की विकास योजनाओं की गति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता की निगरानी करना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ आम जनता तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कृषि, बागवानी, पशुपालन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया ताकि ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सके।

उन्होंने कहा कि जिले में अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाएं और किसानों को इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं बाजार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाजार उपलब्ध करवाने, महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुग्ध उत्पादन एवं मिल्क प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी प्रभावी कार्य योजना तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का केवल क्रियान्वयन ही नहीं, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आगामी बैठकों में योजनाओं के धरातल पर प्रभाव और उपलब्धियों पर आधारित प्रस्तुति देने के निर्देश दिए।

’राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी समीक्षा’

बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से मंडी जिले में चल रही विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। सांसद ने सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी-पठानकोट फोरलेन के परौर-पधर खंड की डीपीआर, पंडोह बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण तथा पंडोह-टकोली फोरलेन सुदृढ़ीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं से संबंधित स्थानीय समस्याओं का समाधान जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

बैठक में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने दिशा समिति की अध्यक्ष, सभी विधायकों सहित दिशा समिति के सभी सरकारी, गैर सरकारी सदस्यों का स्वागत किया।

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष अमरु राम, नगर निगम मंडी की महापौर सुमन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, नगर निगम आयुक्त डॉ. मदन कुमार सहित दिशा समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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