इंजीनियरिंग कॉलेजों की समग्र श्रेणी में 11वीं रैंक, सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों में 10वां स्थान; उभरते संस्थानों में तीसरे और सर्वाधिक सुधार करने वालों में छठे स्थान पर
अमर ज्वाला//मंडी,
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने इंडिया टुडे–एमडीआरए रैंकिंग 2026 में विभिन्न प्रमुख श्रेणियों में अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। संस्थान ने तकनीकी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में देशभर में 7वां स्थान हासिल किया है, जबकि वर्ष 2025 में आईआईटी मंडी 8वें स्थान पर था। इस श्रेणी में संस्थान ने 2000 में से 1616.1 अंक प्राप्त किए हैं।
इंजीनियरिंग कॉलेजों की समग्र श्रेणी में भी आईआईटी मंडी ने दो पायदान की छलांग लगाई है। वर्ष 2025 में 13वें स्थान पर रहे संस्थान ने 2026 में 11वीं रैंक हासिल की। इस श्रेणी में आईआईटी मंडी का कुल स्कोर 1692.6 अंक रहा, जिसमें 967.4 ऑब्जेक्टिव स्कोर और 725.2 परसेप्चुअल स्कोर शामिल हैं।
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10वीं रैंक
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में भी संस्थान ने बेहतर प्रदर्शन किया है। आईआईटी मंडी ने देशभर में 10वां स्थान हासिल किया, जबकि वर्ष 2025 में इसकी रैंक 12वीं थी। इस तरह संस्थान ने इस श्रेणी में भी दो पायदान का सुधार दर्ज किया है।
इंडिया टुडे–एमडीआरए रैंकिंग 2026 में आईआईटी मंडी को उभरते हुए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान मिला है। इस श्रेणी में आईआईटी मंडी केवल आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी पटना से पीछे रहा। यह श्रेणी अपेक्षाकृत नए संस्थानों के प्रदर्शन और कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बनाने की क्षमता को रेखांकित करती है।
आईआईटी मंडी ने सर्वाधिक सुधार करने वाले सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की श्रेणी में भी देशभर में छठा स्थान हासिल किया है। इस श्रेणी में संस्थानों का मूल्यांकन वर्ष 2022 से 2026 के बीच पांच वर्षों में उनकी रैंकिंग में हुए प्रतिशत सुधार के आधार पर किया जाता है। यह उपलब्धि आईआईटी मंडी की पिछले कई वर्षों से जारी निरंतर प्रगति को दर्शाती है।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम: निदेशक
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने संस्थान की उपलब्धि पर कहा कि इंडिया टुडे–एमडीआरए रैंकिंग में लगातार बेहतर होती स्थिति संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और संस्थागत साझेदारों की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रगति अकादमिक उत्कृष्टता, उच्च प्रभाव वाले शोध, नवाचार, उद्यमिता और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने से प्रेरित रही है। देश के अग्रणी उभरते और सर्वाधिक सुधार करने वाले सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों में मान्यता मिलना आईआईटी मंडी के लिए विशेष रूप से उत्साहजनक है।
प्रो. बेहरा ने कहा कि संस्थान एक ऐसे शैक्षणिक केंद्र के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है, जो वैश्विक अकादमिक मानकों के अनुरूप होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान देने में सक्षम हो।
आईआईटी मंडी के प्रदर्शन से संस्थान के शैक्षणिक एवं शोध पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को बल मिला है।
