कॉरपोरेट सेक्टर के 6,500 पेंशनरों ने उठाई आवाज, 29 अक्टूबर 1999 की पेंशन बहाली की मांग
अमर ज्वाला//मंडी
हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेट सेक्टर सेवानिवृत्त कोऑर्डिनेशन कमेटी ने 29 अक्टूबर 1999 की अधिसूचना के तहत पेंशन बहाली की मांग को लेकर मंडी के सीनियर सिटीजन हॉल में बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष देवी लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न निगमों और बोर्डों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भाग लिया और प्रदेश सरकार के प्रति रोष जताया।
बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की गई कि प्रदेश के 17 निगमों और बोर्डों के लगभग 6,500 पेंशनरों की समस्या का समाधान करने के लिए उनके प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र आमने-सामने बैठक की जाए।
कमेटी के अनुसार, 29 अक्टूबर 1999 को जारी सरकारी अधिसूचना के तहत उन कर्मचारियों को पेंशन सुविधा दी गई थी, जो 1 अप्रैल 1999 से पहले निगमों और बोर्डों में नियमित रूप से कार्यरत थे। कमेटी का कहना है कि 2 दिसंबर 2004 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह पेंशन मिल रही है, जबकि इसके बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में यह सुविधा बंद कर दिए जाने से पेंशन संबंधी विसंगति पैदा हो गई।
कमेटी ने कहा कि इस विसंगति के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मामले की समीक्षा कर सभी पात्र कर्मचारियों को पेंशन का लाभ देने की मांग की।
बैठक में कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के अन्य प्रचारकों ने कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से 29 अक्टूबर 1999 की पेंशन बहाल करने का आश्वासन दिया था। कमेटी का आरोप है कि सरकार के कार्यकाल में अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पेंशनरों में नाराजगी है।
कमेटी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले को प्राथमिकता देते हुए पेंशनरों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जाए और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान निकाला जाए।
