सोनम वांगचुक को तुरंत बिना शर्त रिहा करो ।
अमर ज्वाला //मंडी
भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच, हिमाचल प्रदेश के संयोजक जोगिन्दर वालिया ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करती है। हिमाचल मे अपने पिछले दिनों दिल्ली पैदल यात्रा के समय सोनम वांगचुक ने कहा था की “बड़ी कंपनियां पहाड़ों को तोड़कर मुनाफा कमा लेती हैं लेकिन बाढ़ और लैंडस्लाइड की मार आम लोगों को झेलनी पड़ती है. नुकसान की भरपाई सरकार आम जनता के पैसों से करती है.” इस वर्ष हुई भारी बारिश ने इस तथ्य को पुख्ता करके दिखा दिया। इसलिए हम मांग करते हैं की सोनम बानचुक को बिना शर्त रिहा किया जाए। इसके इलाबा सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के अग्रणी रहे हैं। उन्हें काले कानून राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लेना, केंद्र सरकार के निरंकुश चरित्र और लद्दाख की जनता की वास्तविक आकांक्षाओं के प्रति उसके घोर तिरस्कार को उजागर करता है।
लद्दाख की जनता से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय सरकार ने वहां लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए दमनकारी कदम उठाए हैं। यह लद्दाख की जनता के मौलिक अधिकारों और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर हमला है। ऐसे कदम केवल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जनता के अलगाव की भावना को और गहरा करेंगे। भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच मांग करता है कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए, जनता पर थोपे गए सभी मुकदमों को बिना शर्त वापस लिया जाए, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, आंदोलन की न्यायसंगत मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए और सबसे बढ़कर लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत शामिल किया जाए।
