कजलोट में हर्षोल्लास के साथ मनाई वाल्मीकि जयंती

उप मुख्य सचेतक मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

अमर ज्वाला //धर्मशाला

कजलोट में आयोजित वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने विधिवत पूजा के बाद अपने संबोधन में कहा कि महर्षि बाल्मीकि भारतीय साहित्य के महान कवि और रामायण के रचयिता थे। उनके जीवन की अनेक प्रेरणात्मक विशेषताएं हैं जिनका अनुसरण कर हम आज भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उप मुख्य सचेतक ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जीवन में कठिनाइयों और गलतियों के बावजूद परिवर्तन संभव है तथा किसी भी व्यक्ति में सुधार की संभावना होती है। उन्होंने कहा कि बाल्मीकि जी ने कठिन साधना और तप से आत्मज्ञान प्राप्त किया जो हमें सिखाता है कि धैर्य और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। क्योंकि बाल्मीकि जी ने साहित्य के माध्यम से मानवता, नैतिकता और धर्म का संदेश दिया जो हमें यह दर्शाता है कि कला और लेखन समाज को जागरूक कर सकते हैं। उनके कार्यों से हमें सत्य और धर्म का पालन करने की प्रेरणा भी मिलती है जोकि मनुष्य जीवन का मूल सिद्धांत है। उनके जीवन से हमें अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और दूसरों की भलाई के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

कोर कमेटी के सदस्य द्वारा मुख्यतिथि उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया को शॉल टोपी व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में दिग्विजय मल्होत्रा सदस्य हिमाचल प्रदेश एससी कमिशन भी मौजूद रहे ।इस अवसर पर अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग सुमित कतोच, सहायक अभियंता जल शक्ति पंकज चौधरी, जिला अध्यक्ष श्री महेंद्र पाल कोर कमेटी सदस्य कमल, चरणजीत, वुधनाथ ,राज कुमार,अश्वनी ,रत्न हंस, सभापति राज पाल कटारिया ,सयोजक रेखा लहोखी ,महिला अध्यक्ष सन्तोष कुमारी , युवा अध्यक्ष भानु भाटिया,जिला प्रभारी अनिल शोन्तरा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजिंदर मुन्ना,मुख्य सलाहकार रत्न मल्होत्रा,उपाध्यक्ष सजीव सहोता,महासचिव सतपाल ,सयुक्त सचिव रविन्द्र गिल , सह सचिव सजीव थापर ,सलाहकार जगदीश सिंधिया ,अमर नाथ ,सहित कई विभागीय अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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