अमर ज्वाला //मंडी
हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की अधिसूचना के बाद प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में प्रिंसिपलों के पुनर्नियुक्तिकरण को लेकर गहरा असंतोष और भ्रम व्याप्त है। हिमाचल प्रदेश महाविद्यालय शिक्षक संघ (HGCTA) ने इस मुद्दे पर शिक्षा सचिव एवं निदेशक, शिक्षा विभाग को ईमेल के जरिए ज्ञापन भेजा है।

HGCTA की अध्यक्षा डॉक्टर वनिता सकलानी का कहना है कि अधिसूचना में प्रिंसिपलों के पुनर्नियुक्तिकरण का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, फिर भी कुछ प्रिंसिपल बिना विभागीय आदेशों के अपने पदों पर बने हुए हैं। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं, बल्कि योग्य शिक्षकों के प्रमोशन में भी विलम्ब हो कर उनके अवसर भी बाधित हो रहे हैं।
HGCTA ने आरोप लगाया है कि शिक्षा विभाग इस पूरे मामले से पूरी तरह से बेखबर बैठा हुआ है। न किसी स्तर पर जांच की जा रही है, न ही कोई औपचारिक स्पष्टीकरण या दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग की यह निष्क्रियता प्रशासनिक अव्यवस्था को बढ़ा रही है।
HGCTA ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह इस विषय पर तुरंत हस्तक्षेप करे और पुनर्नियुक्ति नीति की समीक्षा कर पारदर्शी, न्यायसंगत और शिक्षकों व शिक्षा व्यवस्था के हित में निर्णय ले। बिना प्राधिकरण के जारी रहने वाले प्रिंसिपलों को हटाया जाए और शीघ्र ही प्रिंसिपल पद के लिए पदोन्नत हुए शिक्षकों को नियुक्ति दी जाए।
