सुभाष ठाकुर*******
आईआईटी मंडी के 13वें दीक्षांत समारोह में निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने बताया कि आईआईटी मंडी के ड्रोन ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए 10 ड्रोन भेजे थे, जिनका संचालन और तकनीकी सहयोग संस्थान के विशेषज्ञों ने किया था ।
प्रोफेसर बेहरा ने बताया कि आईआईटी मंडी का लक्ष्य तकनीक को केवल लैब तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उसे समाज की भलाई में उतारना है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी ने अपने 16 वर्षों की यात्रा के दौरान कई उपलब्धियों हासिल की हैं, और संस्थान की ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब प्रौद्योगिकी के दौर में नित नए आयाम छू रही है ।
प्रोफेसर बेहरा ने यह भी बताया कि आईआईटी मंडी अब सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कदम रख चुका है, और संस्थान के वैज्ञानिक और शोधकर्ता फिलहाल 7 नैनोमीटर तक के सेमीकंडक्टर चिप बनाने पर काम कर रहे हैं ।
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं पशुओं पर क्रूरता के कारण हो रही हैं। उन्होंने छात्रों को मांस नहीं खाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और कहा कि अच्छे इंसान बनने के लिए मांस खाना बंद करना होगा ।
प्रोफेसर बेहरा के संबोधन के मुख्य बिंदु
प्रोफेसर बेहरा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं पशुओं पर क्रूरता के कारण हो रही हैं।
प्रोफेसर बेहरा ने भगवद् गीता के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह भारतीयता की पहचान है और पूरे विश्व को एक कुटुंब बना सकती है।
उन्होंने आईआईटी मंडी की उपलब्धियों के बारे में बताया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर में आईआईटी मंडी के ड्रोन का अहम योगदान शामिल है।
निदेशक प्रोफेसर बेहरा ने बताया कि आईआईटी मंडी अब सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कदम रख चुका है ।
