अमर ज्वाला //मंडी
मंडी सदर तहसील के तल्याहड़ निवासी गुलाब सिंह की फाइल वर्षों से अधिकारियों के बीच उलझी हुई है। गुलाब सिंह न ही कोई बड़ा ठेकेदार ,नहीं तो कोई नेता है बल्कि कुछ लोग मंडी ऐसे गरीब लोगों की समस्याओं का समाधान करने का झांसा दे कर अपने राजनीतिक के लिए ऐसे लोगों के हाथों में कहीं भी धरने प्रदर्शन के लिए झंडे डंडे पकड़ा कर किसी भी सरकार में किसी के भी खिलाफ जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लगवाने के बाद ऐसे असहाय लोगों को उन्हें उसी हालत में छोड़ जाते रहे हैं। बस वहीं हालत मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र के तल्याहड़ निवासी गुलाब सिंह भी ऐसे ही स्वार्थी समाज सेवकों के शिकार हुए हैं। जिसका परिणाम गुलाब सिंह को वर्षों से झेलना पड़ रहा है।
गुलाब सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू को पत्र लिखकर अपने जीवन यापन करने के लिए जमीन और घर देने की गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक उसे कुछ भी नहीं मिला है।
गुलाब सिंह के पास न तो जमीन है और न ही घर। वह मंडी शहर में किराए के मकान में रहता है और उसका अपना कोई स्थाई रोजगार भी नहीं है। वह 50% से ज्यादा अपंगता की श्रेणी में आता है।
इससे पहले भी गुलाब सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, स्वर्गीय वीरभद्र सिंह और जयराम ठाकुर को भी यही मांग कर चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कार्यालय जा जा कर फाइलें एक कार्यकय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचती है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर कोई भी सार्थक परिणाम नहीं निकला है।
गुलाब सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू को पत्र तो लिखा है साथ ही मीडिया को बताते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों से अधिकारियों के कार्यालय जा जा कर अपनी फाइल को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उन्हें जमीन और घर मुहैय्या करवाया जाए।
यह देखना होगा कि व्यवस्था परिवर्तन करने वाली मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कांग्रेस सरकार में गुलाब सिंह की समस्या का हल कर पाती है या नहीं।
