जमंडी में प्रशासन की लापरवाही ! उपायुक्त कार्यालय के सामने खड़ा जर्जर पेड़ दे रखा अनहोनी की चेतावनी
जहां रोज गुजरते हैं सैकड़ों लोग, वहीं खड़ा है मौत का पेड़
सुभाष ठाकुर*******
मंडी शहर में विभिन्न स्थानों तथा उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट के सामने खड़ा एक सफेदा का पेड़ का तना सड़ चुका विशाल वृक्ष किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है।
मंडी जिला उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट के सामने राजमाधोराय की ओर खड़ा सफेदे का अत्यंत पुराना और विशालकाय वृक्ष आज लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बनता जा रहा है। करीब 100 फुट से अधिक ऊंचाई और फैलाव वाला यह हरा-भरा पेड़ अंदर से पूरी तरह कमजोर हो चुका है, क्योंकि इसका जड़ वाला तना एक ओर से पूरी तरह सड़ चुका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह पेड़ किसी भी समय गिर सकता है, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर गर्मी के मौसम में खराब मौसम और तेज तूफानों के दौरान इस क्षेत्र में खतरा और बढ़ जाता है।
इस स्थान से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। जिला न्यायालय परिसर के माननीय न्यायाधीशों, जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय यहीं स्थित हैं, ऐसे में इस जर्जर वृक्ष की बड़ी-बड़ी शाखाओं का टूटना किसी भी समय गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है।
इतना ही नहीं, मंडी की अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले का शुभारंभ भी इसी पेड़ के नीचे से होता है। शिवरात्रि के दौरान जलेब यहीं से निकलती है और देवी-देवताओं के साथ देवलुओं की भारी भीड़ इसी स्थान पर एकत्र होती है। 15 फरवरी से मेले के दौरान सैकड़ों देवी-देवताओं का आगमन शुरू हो जाएगा, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

चिंताजनक पहलू यह भी है कि कुछ शराबी तत्व रात के अंधेरे में उपायुक्त कार्यालय परिसर के आसपास शराब पीकर खाली बोतलें और डिस्पोजेबल गिलास इस सड़े हुए तने के अंदर छुपा रहे हैं, जो न केवल असामाजिक गतिविधियों को दर्शाता है बल्कि आगजनी जैसी घटनाओं का भी कारण बन सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि समय रहते इस पेड़ की सभी बड़ी और लंबी शाखाओं की छंटाई करवाई जाए या आवश्यक हो तो उचित तकनीकी जांच के बाद ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर खतरे को कितनी गंभीरता से लेता है, या किसी हादसे के बाद ही जागेगा।
