मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट के अहम फैसले स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला कल्याण पर बड़ा फोकस, 1617 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट के अहम फैसले

स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला कल्याण पर बड़ा फोकस, 1617 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

अमर ज्वाला //शिमला

शिमला। Sukhvinder Singh Sukhu की अध्यक्षता में आयोजित Himachal Pradesh मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 तथा आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई।

मंत्रिमंडल ने महिला होमगार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। साथ ही विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण को भी मंजूरी दी गई।

शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष निर्णय

कैबिनेट ने ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन करते हुए विधवाओं की बेटियों को सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया। छात्रावास सुविधा न होने की स्थिति में 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ लागू करने की मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है।

दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को अब 2 लाख रुपये तथा 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

शिक्षा क्षेत्र में 600 पद सृजित

प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग शिक्षकों के 600 पद सृजित किए गए हैं। इनकी भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से होगी। साथ ही 31 बालक एवं बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश के 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना भी लागू की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा संबल

राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों एवं आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य प्रदेश में ही बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराना है।

कमला नेहरू अस्पताल शिमला, सुंदरनगर, नूरपुर, ऊना, भोरंज और बिलासपुर सहित विभिन्न अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी गई। डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना को मंजूरी मिली।

स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स, फार्मेसी अधिकारी, रेडियोग्राफर और फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित अनेक पद भरने का निर्णय लिया गया। राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन कार्यक्रम लागू किया जाएगा।

प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े निर्णय

लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति तथा सड़कों की मरम्मत हेतु मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। सिरमौर जिले में लोक निर्माण विभाग मंडलों का पुनर्गठन किया जाएगा।

नाहन, बद्दी और ऊना में औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। भर्ती निदेशालय में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) और कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के पद सृजित किए गए हैं।

खेल और कौशल विकास को बढ़ावा

बिलासपुर के लुहणू खेल छात्रावास की क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 की गई है। चौपाल, शिलाई, जुब्बल और मोरसिंघी में विभिन्न खेल छात्रावास खोलने का निर्णय लिया गया। चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई।

मंत्रिमंडल ने राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 का प्रारूप तैयार करने के लिए मंत्रिमंडलीय उप-समिति के गठन को भी मंजूरी प्रदान की।

बैठक में लिए गए इन फैसलों को प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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