चौहार घाटी से होकर बनेगी भुवूजोत टनल, पर्यटन और सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम

सुभाष ठाकुर*******

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की सुंदर चौहार घाटी की शिल्हबुधानी पंचायत से दिखाई देने वाला यह मनमोहक दृश्य अब जल्द ही विकास की नई कहानी लिखने जा रहा है। प्रस्तावित भुवूजोत टनल निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री , विशेषकर लोकनिर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह, केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर इसे साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस टनल के निर्माण से पठानकोट से कुल्लू-मनाली की दूरी लगभग 70 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे यह मार्ग सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बन जाएगा। सेना के वाहनों की तेज और सुगम आवाजाही के लिए यह मार्ग एक बड़ी सुविधा साबित होगा।

भुवूजोत टनल केवल सामरिक महत्व ही नहीं रखेगी, बल्कि इससे मंडी जिले की दुर्गम चौहार घाटी और कुल्लू जिले की अलग वैली के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। साथ ही, इस क्षेत्र की खूबसूरत बर्फ से ढकी पहाड़ियां देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आसानी से सुलभ हो जाएंगी।

यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। यहां चौहार घाटी के आराध्य देवता श्री हुरंग नारायण, देवता श्री पोशाकोट, कल्पधार ऋषि, शिल्हगहरी देवता, माता नौणी और माता पंजोंड जैसे प्राचीन देवस्थल स्थित हैं, जिनके दर्शन अब पर्यटकों के लिए और अधिक आसान हो जाएंगे।

 

देवदार, रई, तोस, कैल, वान और बुरांश जैसे सैकड़ों प्रजातियों के पेड़-पौधों से आच्छादित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य का अनमोल खजाना है। भुवूजोत टनल के निर्माण से जहां विकास को गति मिलेगी, वहीं इस देवभूमि की पहचान और भी व्यापक स्तर पर स्थापित होगी।

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चौहार घाटी, जिसे देवी-देवताओं की धरती कहा जाता है, यहां की समृद्ध देव संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के साथ अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

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