वन विभाग ने 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का रखा लक्ष्य

इस बार विभिन्न प्रजातियों के रोपे जाएंगे 50 लाख पौधे
– पहली बार चिनार के पौधे रोपे जाने पर भी दिया जा रहा जोर
– वन बल प्रमुख डा. संजय सूद ने आम जनता से की सहयोग की अपील
– पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी वन मंडलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

अमर ज्वाला //शिमला

मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने राज्य में 7 से 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर 50 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से करीब 4 हजार हैक्टेयर भूमि पर राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए विभाग ने सभी वन मंडल स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी है। बताया गया कि राज्य के विभिन्न जिलों की भौगोलिक परिस्थितियों एवं संतुलित जलवायु के मुताबिक चिनार और अन्य प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। विभाग ने वर्ष 2030 तक मिशन-32 यानी राज्य के हरित आवरण को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। इसके मद्देनजर इस बार के वन महोत्सव में प्रदेश के सभी जिलों में पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग ने टारगेट फिक्स किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जाइका वानिकी परियोजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वन बल प्रमुख डा. संजय सूद ने प्रदेश की जनता से पौधरोपण अभियान में सहयोग करने तथा उनके संरक्षण की अपील भी की। उन्होंने राज्य के सभी वन मंडलाधिकारियों को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना और राजीव गांधी ग्रीन एडॉप्शन योजना पर बेहतरीन कार्य करने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस से किया था आगाज

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिमला में चिनार का पौधा रोपकर पौधरोपण अभियान का आगाज किया था। उसके बाद 25 जून को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह सिंधवालिया ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। वन बल प्रमुख डा. संजय सूद ने बताया कि प्रदेश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर विशेष पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।
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जाइका परियोजना ने अब तक 8343 हेक्टेयर भूमि पर रोपे पौधे

जाइका वानिकी परियोजना ने 2018 से लेकर 2025 तक 8343 हेक्टेयर भूमि पर भिन्न-भिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर राज्य के 22 वन मंडलों में हरित क्रांति लोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर वर्ष की भांति इस बार भी वानिकी परियोजना मिशन-32 के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए जन सहभागिता और विभागीय स्तर पर पौधे रोपने के लिए कार्य करेगी। गौरतलब है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत भी परियोजना ने पिछले साल 124 हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपने में सफलता हासिल की।
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इस वर्ष वन महोत्सव के दौरान प्रदेश में 7 से 8 हजार हेक्टेयर पर चिनार सहित अन्य प्रजातियों के 50 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। मिशन-32 यानी वर्ष 2030 तक प्रदेश में हरित आवरण में 32 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए वन विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसमें जाइका वानिकी परियोजना भी बेहतरीन कार्य कर रही है। मैं प्रदेश की जनता से आहवान करना चाहता हूं कि इस अभियान में भरपूर सहयोग दें और वन संरक्षण में भी बहुमूल्य योगदान करें।

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