अमर ज्वाला/मंडी
चेक बाउंस का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को छह माह के साधारण कारावास और 3,00,000 रूपये जुर्माने का फैसला सुनाया है। आरोपी द्वारा जुर्माना राशि अदा न करने पर उसे एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। आरोपी से प्राप्त जुर्माना राशि शिकायतकर्ता के पक्ष में अदा की जाएगी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो गीतिका यादव के न्यायालय ने पधर तहसील के सनेड गांव निवासी गुरदास पुत्र देवी सिंह की ओर से निगोशिएबल इंन्स्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत दायर शिकायत पर चलाए गए अभियोग के साबित होने पर पधर तहसील के गवाली गांव निवासी राम लाल पुत्र शुंकु राम को उक्त सजा का फैसला सुनाया है। अधिवक्ता आर के चावला के माध्यम से दायर इस शिकायत के अनुसार जून 2019 में आरोपी राम लाल ने शिकायतकर्ता गुरदास से गाड़ियों के व्यवसाय के लिए दो लाख रूपये उधार लिए थे। इस विधिक देनदारी को लौटाने के लिए आरोपी ने शिकायतकर्ता को दो लाख रूपये का एक चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक को भुगतान के लिए लगाया तो आरोपी के बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह चेक बाउंस हो गया था। जिसके चलते शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस जारी करके आरोपी को राशि लौटाने को कहा था। लेकिन आरोपी ने निश्चित अवधि में शिकायतकर्ता को राशि नहीं लौटायी। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अदालत में यह शिकायत दायर कर आरोपी पर अभियोग चलाया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और दस्तावेजों से आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस का अभियोग साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है।
