आरएलपी और एसटीटी कार्यक्रमों को गति देने के निर्देश, ग्रीन एनर्जी सुपरवाइजर प्रशिक्षण पर विशेष जोर
अमर ज्वाला//ऊना
युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और उनकी कार्यकुशलता को उद्योग एवं बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए ऊना में प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी।यह बात उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने आज अपने कार्यालय में आयोजित हुई जिला कौशल समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उपायुक्त जतिन लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने आयुष, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, हिमऊर्जा तथा एचपीएससीबी सहित अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक पत्राचार कर प्रशिक्षण की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हिमऊर्जा के माध्यम से ‘ग्रीन एनर्जी सुपरवाइजर’ के प्रशिक्षण तथा आरपीएल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक और रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को नए क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।
साथ ही, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा के स्तर में सुधार को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के माध्यम से स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए विशेष स्किलिंग एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें बेहतर व्यवसायिक कौशल, स्वच्छता संबंधी जानकारी तथा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन का प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करें। इसके अलावा जिले के युवाओं को उनकी रुचि, क्षमता और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जा सके। जिला कौशल समिति द्वारा आने वाले समय में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कौशल विकास की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम की ओर से संचालित किए जाने वाले विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति की सदस्य सचिव निशा कटोच ने आगामी समय में आयोजित होने वाले आरपीएल (रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग ) तथा एसटीटी (शोर्ट टर्म प्रशिक्षण) कार्यक्रमों की रूपरेखा और संभावनाओं की जानकारी समिति के समक्ष रखी।
इस मौके पर जिला रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा, तहसील कल्याण अधिकारी ऊना जतिंदर कुमार, उद्योग विभाग से अखिल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे
