इंटरनेशनल सिनेमा फेस्टिवल के दूसरे दिन आठ शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन
अमर ज्वाला//मंडी
कुल्लू मनाली इंटरनेशनल सिनेमा फेस्टिवल–2026 के दूसरे दिन रविवार को पड्डल मैदान मंडी में सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी आठ लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। फिल्मों में समाज के ज्वलंत मुद्दों को अलग-अलग कहानियों और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने रखा गया, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जाने-माने फिल्म निर्देशक रवि कौशल रहे। लेखक, निर्देशक एवं निर्माता विनोद लक्ष्मी तथा सिने जगत के अभिनेता मुनीश देव मोहन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
दूसरे दिन प्रदर्शित फिल्मों में ‘द फॉरबिड्न कार्ड’, ‘सेकंड चांस’, ‘अलार्म घड़ी’, ‘डिसटॉर्ट’, ‘एक सख्त गुथी हुई चोटी’, ‘टारगेट पॉइंट’, ‘ट्रैपिडो’ और ‘मिसाल’ शामिल रहीं। इन फिल्मों में सामाजिक जागरूकता, मानवीय संवेदना और समाज से जुड़े गंभीर विषयों को केंद्र में रखा गया। फिल्मों की कहानियों और प्रस्तुतियों ने दर्शकों को सोचने के लिए भी मजबूर किया।

आयोजकों ने कहा कि सिनेमा महज मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी माध्यम भी है। इसी सोच के साथ फेस्टिवल में सामाजिक एवं जनसरोकारों से जुड़ी फिल्मों को विशेष स्थान दिया गया है।
फेस्टिवल की जूरी में वरिष्ठ फिल्म एवं रंगकर्मी अशोक मेहरा, संजीव रतन और रितेश मेहता शामिल रहे। जूरी ने फिल्मों का अवलोकन एवं मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कुलदीप गुलेरिया ने किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम निर्देशक रामपाल मलिक, अध्यक्ष पुष्पराज ‘पुष्पी’, उपाध्यक्ष राजेश कुमार, जयकिशन ‘जैक’, रजित सिंह कंवर, रूप उपाध्याय, राजेश चौहान, शाल्वी शर्मा, संजय सोनी सहित आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में सिनेमा प्रेमी उपस्थित रहे।
आयोजकों के अनुसार इंटरनेशनल सिनेमा फेस्टिवल–2026 का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिनेमा, कला एवं संस्कृति के महत्वपूर्ण मंच के रूप में स्थापित करना तथा नए फिल्मकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
