‘भांड’ दूसरे और ‘अदम्य’ तीसरे स्थान पर; निर्देशन, अभिनय और तकनीकी श्रेणियों में भी प्रतिभाओं का सम्मान
अमर ज्वाला//मंडी,
शाख मंडी महोत्सव के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय सिनेमा महोत्सव 2026 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई। देशभर से शामिल लघु फिल्मों, वृत्तचित्रों, कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। ‘कावाला (द क्रो)’ ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का प्रथम पुरस्कार हासिल किया, जबकि ‘भांड’ दूसरे और ‘अदम्य’ तीसरे स्थान पर रही।
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार ‘कावाला’ के हर्षवर्धन राजेंद्र जाधव को मिला। ‘भांड’ के अरुणाभ मुखर्जी दूसरे और ‘द फॉरबिडन कार्ड’ के योजित सोनी तीसरे स्थान पर रहे। सर्वश्रेष्ठ लेखक का पुरस्कार ‘भांड’ के अरुणाभ मुखर्जी को मिला।
सर्वश्रेष्ठ पुरुष अभिनेता का पुरस्कार ‘भांड’ के प्रोसेनजीत कुंडू और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार इसी फिल्म की देबदत्ता चटर्जी को मिला। सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार ‘कावाला’ के आर्यन रौंदल ने हासिल किया। सर्वश्रेष्ठ छायाकार का पुरस्कार ‘द फॉरबिडन कार्ड’ के विशाल गोस्वामी और अमन गुप्ता तथा सर्वश्रेष्ठ संपादन का पुरस्कार ‘माजरा’ के नवीन जावे को मिला।
‘चप्पल’ को विशेष जूरी उल्लेख, जबकि ‘एक सख्त गूंथी हुई छोटी’ और ‘तनुज’ को विशेष उल्लेख मिला।
वृत्तचित्र श्रेणी में ‘जेल सेकंड चांस’ का दबदबा रहा। इसे सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र फिल्म, जबकि इसके निर्देशक हर्षित मिश्रा, छायाकार निवान प्राचुर्य और संपादक तरुण एरियल को संबंधित श्रेणियों में पुरस्कार मिले। ‘रॉ फ्रेम्स बाय सूरज नेगी’ को विशेष उल्लेखित वृत्तचित्र का सम्मान मिला।
‘कावाला’ आठ वर्षीय बच्चे गानु की नजर से परंपराओं और सामाजिक मान्यताओं को सामने लाती है। वहीं ‘भांड’ बदलते समय में लोक कलाकार के संघर्ष और मानवीय सहयोग की जरूरत को दर्शाती है। ‘अदम्य’ लोककला के माध्यम से साहस, मानवता और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश देती है।
