हिमाचल की राजनीति को बड़ा झटका, रामपुर के चार बार के विधायक नंद लाल का निधन

सुबह पांच बजे चमियाना अस्पताल में ली अंतिम सांस, सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अस्पताल पहुंचकर जाना था हालचाल; 72 वर्ष की आयु में दुनिया को कहा अलविदा

अमर ज्वाला //शिमला

हिमाचल प्रदेश की राजनीति से मंगलवार सुबह दुखद खबर सामने आई है। शिमला जिला के रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के चार बार विधायक रहे नंद लाल का निधन हो गया। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब पांच बजे शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतिम सांस ली। वह 72 वर्ष के थे और पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे।

नंद लाल के निधन की खबर से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार को ही मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चमियाना अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन विधायक नंद लाल का कुशलक्षेम जाना था। मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। इसके अगले ही दिन उनके निधन की खबर सामने आने से उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक व्याप्त है।

लगातार चार बार रामपुर से बने विधायक

नंद लाल रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक चुने गए। उन्होंने वर्ष 2007 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी जीत हासिल कर लगातार चौथी बार विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2022 में उनकी जीत के साथ रामपुर में उनका राजनीतिक जनाधार एक बार फिर सामने आया।

वह हिमाचल प्रदेश सरकार में मुख्य संसदीय सचिव भी रह चुके थे। मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस आयोग का प्रमुख कार्य पंचायतों और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करना तथा उनके लिए संसाधनों के वितरण से जुड़े सुझाव देना था।

राजनीति में आने से पहले सुरक्षा सेवाओं में दी सेवाएं

नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को शिमला जिला के रामपुर बुशहर क्षेत्र के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवाएं दीं। वह विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में भी कमांडो के रूप में तैनात रहे और वर्ष 1985 से 1997 तक सुरक्षा सेवाओं से जुड़े रहे।

उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी सेवाओं के लिए वर्ष 2001 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और चंद्रशेखर से भी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान प्राप्त हुआ था।

वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर रामपुर से चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाते थे।

नंद लाल के निधन से कांग्रेस पार्टी ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र में अपना एक अनुभवी जनप्रतिनिधि खो दिया है। उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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