सुक्खू सरकार पर आपदा प्रभावितों की अनदेखी, महिलाओं की 1500 रुपये की गारंटी और बढ़ते कर्ज को लेकर साधा निशाना; बोले- प्रदेश पर एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज
अमर ज्वाला//मंडी
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की सत्ता में वापसी का दावा किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि अगली बार मंडी जिले की दसों विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने कुल्लू सहित पूरे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा के कारण साढ़े चार सौ से अधिक लोगों की जान गई, जबकि उनके विधानसभा क्षेत्र में 33 लोगों की मृत्यु हुई और 22 लोगों के शव तक नहीं मिल पाए। इसके बावजूद सरकार ने मंडी के पड्डल मैदान में तीन वर्ष के कार्यकाल का जश्न मनाया। उन्होंने दावा किया कि इस आयोजन पर दस करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आपदा प्रभावित परिवार अपने घर, परिजन और पशुधन खोने के दर्द से गुजर रहे थे, तब सरकार जश्न कैसे मना सकती थी। उन्होंने रामपुर के विधायक के निधन के बाद मुख्यमंत्री के चंबा में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने पर भी सवाल उठाते हुए इसे मानवीय संवेदनाओं के विपरीत बताया।
वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी जयराम ठाकुर ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उसे अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों में एसआईआर नहीं हुआ था, फिर भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को लगातार जनसमर्थन मिला।
पंचायत, जिला परिषद और नगर निगम चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 12 जिलों में से 11 में भाजपा के जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बने हैं। वहीं चार नगर निगमों में से तीन में भाजपा के महापौर और उपमहापौर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस के उन तर्कों पर भी सवाल उठाए जिनमें जिला परिषद चुनावों को पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं होने के कारण अलग बताया जाता है।
महिलाओं को 1500 रुपये देने की गारंटी पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान 18 से 60 वर्ष की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था, लेकिन अब सीमित संख्या में महिलाओं को पात्र बताकर लाभ देने की बात की जा रही है। उन्होंने युवाओं के रोजगार, दूध और गोबर खरीद सहित कांग्रेस की अन्य चुनावी गारंटियों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि हिमाचल पर कर्ज एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब प्रदेश पर 69 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में भारी कर्ज लिया है। नए जिले बनाने की चर्चाओं पर भी उन्होंने मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा कि ऐसी घोषणाओं से सरकार अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान नहीं भटका सकती।
जयराम ठाकुर ने कुल्लू में मंत्री पद को लेकर कांग्रेस के एक नेता की स्थिति पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री पर बार-बार घोषणा के बावजूद मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और हॉली लॉज का जिक्र करते हुए कांग्रेस में उनकी राजनीतिक विरासत और सम्मान को लेकर अंदरूनी खींचतान होने की बात कही।
अपने संबोधन के अंत में जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मंडी और कुल्लू जिलों की भूमिका प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
