हीलिंग हिमालय और स्पीति प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?
अमर ज्वाला//शिमला
स्पीति घाटी के मुख्यालय काजा के डंपिंग यार्ड में पिछले एक सप्ताह से कूड़ा लगातार जल रहा है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि स्पीति घाटी के नाजुक पर्यावरण और यहां की स्वच्छता व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हैरानी की बात यह है कि पिछले कई दिनों से डंपिंग यार्ड में कूड़ा जलने के बावजूद अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। कूड़े से उठने वाला जहरीला धुआं आसपास के वातावरण, वन्यजीवों और लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
एक ओर स्पीति को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए बड़े-बड़े अभियान चलाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यालय काजा में ही कूड़े का इस तरह जलना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
आखिर कहां है हीलिंग हिमालय की टीम? जो स्वच्छ हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने का दावा करती है। वहीं स्पीति प्रशासन की जिम्मेदारी भी बनती है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और कूड़े में लगी आग को बुझाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
सवाल यह है कि जब स्पीति जैसे संवेदनशील और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में ही कूड़े का खुलेआम जलना बंद नहीं हो पा रहा है, तो स्वच्छ स्पीति के दावों का क्या मतलब रह जाता है?
प्रशासन और संबंधित संस्थाओं से मांग है कि इस मामले का तुरंत संज्ञान लें, आग बुझाएं और जिम्मेदारी तय करें। स्पीति का पर्यावरण किसी की लापरवाही की कीमत नहीं चुका सकता।
