मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से प्रदेश को आर्थिकी को मिली मजबूती
सालाना होगी 500 से 600 करोड़ की आय, आने वाले 20 वर्षों में मिलेगी 11973 करोड़ यूनिट बिजली
अमर ज्वाला//धर्मशाला
उप मुख्य सचेतक एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने आज मिनी सचिवालय धर्मशाला के कैबिनेट हाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता, निरंतर प्रयासों और अधिकारियों व कानूनी टीम की प्रभावी पैरवी का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मामले में हिमाचल प्रदेश लंबे समय से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा था। प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल के हित में ऐतिहासिक निर्णय आया है। यह फैसला प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिमाचल प्रदेश के पक्ष में आया है जोकि पूरे प्रदेशवासियों की जीत है। यह निर्णय माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों से प्रदेश के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इससे मिलने वाली बिजली से प्रदेश को सालाना 500 से 600 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। आने वाले 20 वर्षों में इस निर्णय से 11973 करोड़ यूनिट बिजली राज्य को प्राप्त होगी।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश को 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली है। इससे हिमाचल प्रदेश को आने वाले वर्षों में आर्थिक रूप से बड़ी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को मिलने वाले बिजली के हिस्से और उससे होने वाले संभावित आर्थिक लाभ से राज्य की विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
राज्य सरकार ने प्रदेश में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हाॅल होटल और कड़छम-वांगतू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े कानूनी मामलों में भी जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का लक्ष्य सत्ता के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन करना और प्रदेश के संसाधनों का उपयोग आम जनता के कल्याण के लिए सुनिश्चित करना है। सरकार प्रदेश के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयासरत है।
उप मुख्य सचेतक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में प्रदेश के अधिकारों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने वाइल्डफ्लावर हाॅल और अन्य संपत्ति से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की संपत्तियों और संसाधनों के हितों की रक्षा के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी प्रदेश हित से जुड़े मामलों में सरकार के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई राजनीतिक मतभेदों से ऊपर है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की नदियां और जल संसाधन राज्य की अमूल्य संपत्ति हैं। प्रदेश देश के अन्य राज्यों को स्वच्छ पर्यावरण और जल संसाधनों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में हिमाचल को अपने संसाधनों का उचित आर्थिक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण के लिए हिमाचल के लोग महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। राज्य के हितों की रक्षा करते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। सरकार संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, राजस्व वृद्धि और वित्तीय अनुशासन के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है।
केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता की ओर से मुख्यमंत्री को बधाई एवं शुभकामनाएं हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास, आर्थिक मजबूती और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त (उपायुक्त) विवेक चैहान, एसडीएम मोहित रत्न, मुख्य अभियंता विद्युत अजय गौतम, अधीक्षण अभियंता विद्युत अमन चैधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
