अमर ज्वाला//मंडी
आर्ट्स गिल्ड ऑफ हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. रमेश चन्द्र मस्ताना की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु पर आर्ट्स गिल्ड ऑफ हिमाचल के चीफ पैट्रन एवं पूर्व बागवानी मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
सत्य प्रकाश ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश ने पहाड़ी भाषा के एक प्रखर विद्वान एवं साहित्यकार को खो दिया है, जिसकी क्षतिपूर्ति संभव नहीं है। पहाड़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए उठने वाली एक बुलंद आवाज आज हमेशा के लिए खामोश हो गई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी भाषा, कला, संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण एवं संवर्धन में डॉ. मस्ताना का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
वर्ष 2011-12 में पहाड़ी भाषा एवं लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भुट्टिको वीवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित डॉ. मस्ताना के असमय निधन से पहाड़ी भाषा एवं लोक संस्कृति के संवाहकों में शोक की लहर है।
इस अवसर पर कांगड़ा बैंक की पूर्व निदेशक प्रेमलता ठाकुर, भुट्टिको के उपाध्यक्ष रोहित ठाकुर, मोहर सिंह, आत्मा राम, मदन लाल, इंद्रा देवी, जोगध्यान, सोहन सिंह, मुख्य सलाहकार रमेश ठाकुर, मुख्य महाप्रबंधक सूरती देवी, महाप्रबंधक किशन ठाकुर, दिनेश ठाकुर, कविता ठाकुर, अनुज ठाकुर, मोहर सिंह, सुरेंद्र सहित बुनकर सदस्यों ने भी डॉ. मस्ताना के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।
