सुभाष ठाकुर*******
चौहार घाटी के आराध्य देवता श्री हुरंग नारायण के गांव पारले हुरंग में एक बड़ी घटना घटी। देवदार का एक बहुत बड़ा पेड़ दो घरों पर गिर गया, जिससे दोनों घरों की छतों को काफी नुकसान पहुंचा है। यह पेड़ देव हुरंग नारायण की वणी का है और भारी बारिश के कारण पूर्व में रहे देवता हुरंग नारायण के गुर बनकू राम व हेमराज के घरों पर शाम के 5:15 बजे गिरा। चौहार घाटी के इस गांव की बिल्कुल एक अलग कहानी है जिसे घाटी की जनता के सिवाय अन्य लोगों को बहुत कम रहती है। देव श्री हुरंग नारायण के पारले हुरंग गांव जहां पर दो घरों की छत को देवदार क्षतिग्रस्त किया इस गांव में देवता के गांव के परिवारों की महिलाएं उस वक्त रहती है जब वह मासिक धर्म के कुछ दिनों या फिर जब देवता के गांव में किसी मृत्यु हो जाती है या यूं कहे कि सूतक पातक में जब गांव को गुजरना पड़ता है उस दौरान इस पारले हुरंग गांव में वह प्रक्रिया निभाई जाती है। देवता के गांव में जब भी अचानक कोई ऐसी घटना रहती है तो दूसरे गांव में सभी के घर है वहीं चले जाते हैं।
*देवता की रहमत से टला बड़ा हादसा*

गनीमत है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दोनों घरों में परिवार रहते हैं और बताया जा रहा है कि देव श्री हुरंग नारायण साक्षात रूप में इन दोनों घरों के परिवारों की रक्षा के लिए खड़े होने की तरह इस घटना को देखा जा रहा है।
देव हुरंग नारायण चौहार घाटी के सबसे बड़े देवता हैं घाटी की जनता देव श्री हुरंग नारायण को सती युग की अदालत के परिणाम की तरह मानते आए हैं। और उनकी महिमा के कई किस्से हैं। वह बारिश के देवता माने जाते हैं , क्षेत्र की जनता की समस्याओं का निवारण तथा मनोकामनाएं पूर्ण होने का विश्वास करते हैं। उनकी पूजा-अर्चना का अलग ही महत्व रहता है देवता के मंदिर में पिछले कुछ सप्ताह से पूजा अर्चना एक माह तक नहीं की जाती है मात्र एक देशी घी का दिया जलाया जाता रहेगा। देव हुरंग नारायण के बारे में कहा जाता है कि वह अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचने देते ।
घटना के बाद दोनों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। देव हुरंग नारायण के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि देवता की कृपा से ही बड़ा हादसा टल गया है। अब दोनों परिवार देवता का आभार व्यक्त कर रहे हैं।
