अमर ज्वाला //नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को 24 नवंबर से भारत का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के पड़ल मैदान में 18 अक्टूबर को विशाल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर अभियान का आयोजन करने पहुंचे हुए थे
*सीजेआई गवई की सिफारिश*
सीजेआई गवई ने हाल में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जस्टिस सूर्यकांत के नाम का प्रस्ताव भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में रखा था। इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति ने जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है।
*जस्टिस सूर्यकांत की उपलब्धियां*
जस्टिस सूर्यकांत हिमाचल में मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं और उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। उन्होंने अवैध कब्जों में बिजली-पानी काटने के आदेशों पर रोक लगाई थी और कहा था कि बिजली-पानी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के तहत निहित है।
जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा। वह 9 फरवरी, 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।
*बधाई और शुभकामनाएं*
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होने पर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अब आप जस्टिस सूर्यकांत के बारे में और क्या जानना चाहेंगे? उनके कार्यकाल के दौरान क्या कुछ महत्वपूर्ण हो सकता है?
