मंडी में राशन के आटे में भारी गड़बड़ी, जांच में फेल हुआ विभागीय दावा

खबर जो हकीकत बयान करें

डिपो के आटे में 25% तक वेस्ट, मौके पर जांच में उजागर हुई सच्चाई

डिपो के आटे में भारी मिलावट का खुलासा, आयोग के सामने साबित हुआ पत्रकार का सवाल

अमर ज्वाला //मंडी

राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कटयाल ने शनिवार को मंडी में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पीडीएस डिपुओं, मिड-डे मील और आईसीडीएस के अंतर्गत वितरित होने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता जांच को सख्त बनाने के लिए आयोग विशेष व स्वचालित जांच यंत्र तैयार करवा रहा है। इसका उद्देश्य विभागीय स्तर पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच को और प्रभावी बनाना है।

डॉ. कटयाल ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए शीघ्र ही टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, ताकि राशन की गुणवत्ता में कमी की शिकायत सीधे आयोग तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री में मिलावट पाए जाने पर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

प्रेस वार्ता में उठा सवाल, मौके पर खुली पोल

प्रेस वार्ता के दौरान *अमर ज्वाला* के संपादक द्वारा सवाल उठाया गया कि डिपुओं में वर्षों से आटे में भारी मिलावट हो रही है, लेकिन अधिकारियों द्वारा बार बार नजर अंदाज किया जा रहा है। मामला बेहद संवेदनशील  है , क्योंकि आमजनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है वहीं सरकार को मिलावटी आटा मिलों द्वारा सप्लाई किया जा रहा है।डिपुओं के राशनकार्ड धारकों को 15 किलो आटे में लगभग 5 किलो से अधिक चोकर मिला आटा वितरित किया जा रहा है।  सवाल पर खाद्य आपूर्ति आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी  कटियाल ने शुरुआत में आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि डिपुओं में गुणवत्तायुक्त आटा ही दिया जा रहा है और यदि संदेह है तो मौके पर साथ चल कर जांच करवा कर साबित करें।

आटे को छान कर वेस्ट को देखते हुए

प्रेस वार्ता होने के बाद बार बार अमर ज्वाला के संपादक को फोन कर बुलाया गया कि आप जांच हमारा सहयोग करें कि आपने जो सवाल उठाया है वह डिपुओं में मिलने वाले आटे की जांच आपके सामने करना चाहते हैं । अमर ज्वाला संपादक सुभाष ठाकुर और उनके साथ द ट्रिब्यून के वरिष्ठ पत्रकार दीपेंद्र मांटा जिन्हें ग्राउंड जीरो की रिपोर्टिंग से जाना जाता है ।

डिपुओं के आटे जांच के लिए पहुंचे खाद्य आपूर्ति आयोग अध्यक्ष, डॉक्टर एसपी कटियाल,एरिया मैनेजर संजीव वर्मा, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी पवन कुमार

डॉ. कटियाल स्वयं एरिया मैनेजर संजीव वर्मा, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी पवन कुमार, निरीक्षण अधिकारियों, स्थानीय लोगों और पत्रकारों के साथ मंडी शहर के एक डिपो पहुंचे। वहां एक बोरी से दो किलो आटा निकालकर सबके सामने बार-बार छाना गया।

 

जांच में चौंकाने वाला सच सामने आते ही विभाग के अधिकारी हुए हक्केबके ।

जांच के दौरान सामने आया कि दो किलो आटे में से 490 ग्राम चोकरनुमा वेस्ट निकला, जबकि मात्र 1 किलो 510 ग्राम ही खाने योग्य आटा पाया गया ,जिसे देख कर खाद्य आपूर्ति आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर एसपी कटियाल,एरिया मैनेजर संजीव वर्मा, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ,निरीक्षक अधिकारी तथा अन्य सभी  स्थानीय लोग हक्केबके रह गए कि आमजनता को सस्ते मूल्यों की दुकानों और डिपो में आटे मिलों द्वारा राज्य सरकार को घटिया गुणवत्ता वाला आटा बिक्री किया जा रहा है जिससे आमजनता के स्वास्थ्य के साथ बहुत बड़ी लापरवाही विभागीय अधिकारियों और आटा मिल मालिकों की मिलीभगत से हो रहा है।

आटा छान कर किया साबित कि 25 प्रतिशत बेस्ट पाया

इस पर आयोग अध्यक्ष सहित सभी अधिकारियों ने माना कि प्रेस वार्ता में उठाया गया सवाल सही था। सैंपल को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। डॉ. कटयाल और एरिया मैनेजर संजीव वर्मा तथा खाद्य जिला अधिकारी पवन कुमार ने स्वीकार किया कि डिपुओं में मिलने वाले आटे में चोकर की मात्रा उनके सामने 2 किलो आटे में 490 ग्राम निकली जो लगभग 25 प्रतिशत पाई गई है । उन्होंने कहा कि सैंपल भर दिया गया है ,इसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्यवाही कानून के अनुसार अमल में लाई जाएगी।

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