अमर ज्वाला// शिमला
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बी.वॉक (बैचलर ऑफ वोकेशन) को लेकर अहम सवाल उठाया गया। प्रदेश के 20 सरकारी महाविद्यालयों में संचालित इस कौशल आधारित पाठ्यक्रम को मुख्य शिक्षा बजट में शामिल करने और इसके लिए विशेष बजटीय प्रावधान करने की मांग की गई।
प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सदन को बताया कि बी.वॉक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह कोर्स वर्ष 2017 से एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की फंडिंग के तहत संचालित हो रहा है और प्रदेश में कौशल आधारित उच्च शिक्षा का सशक्त मॉडल बनकर उभरा है।
70 प्रतिशत तक प्लेसमेंट
सदन में दी गई जानकारी के अनुसार बी.वॉक कोर्स से औसतन 65 से 70 प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार मिला है, जबकि कुछ कॉलेजों में 100 प्रतिशत तक प्लेसमेंट के उदाहरण भी सामने आए हैं। अब तक 1,794 छात्र-छात्राएं प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हैं। इनमें होटल उद्योग, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, आईटी और अन्य निजी क्षेत्रों की नामी कंपनियां शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि यह पाठ्यक्रम केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रहा है। कई विद्यार्थियों ने नौकरी के साथ-साथ अपना स्टार्टअप भी शुरू किया है।
मेन स्ट्रीम विषय बनाने पर विचार
सदन में सुझाव दिया गया कि बी.वॉक को मुख्यधारा (मेन स्ट्रीम) विषय के रूप में शामिल किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी। यदि आवश्यक हुआ तो इसे मुख्य शिक्षा बजट में शामिल करने और अतिरिक्त बजटीय प्रावधान करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, ताकि प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण सुविधाओं को और आधुनिक बनाया जा सके।
पर्यटन और डिजिटल लाइब्रेरी से जोड़ने की योजना
चर्चा के दौरान बी.वॉक को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों से और मजबूती से जोड़ने का सुझाव भी सामने आया। मंत्री ने कहा कि उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाकर विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि छात्र प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और कौशल प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
सदन में यह भी उल्लेख किया गया कि बी.वॉक कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और आने वाले समय में बी.वॉक पाठ्यक्रम को और सशक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
