कानून व्यवस्था से लेकर सांस्कृतिक वैभव तक अफसरों की अहम भूमिका

मंडी अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला में प्रशासन की मुस्तैदी

अमर ज्वाला//मंडी

अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला केवल आस्था और संस्कृति का उत्सव नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता की भी बड़ी परीक्षा होती है।

अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि को लेकर जिला उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक अपनी अपनी प्रशासनिक टीम के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुचारू व्यवस्था, वीवीआईपी आगमन की तैयारियां, सैकड़ों देवी-देवताओं और उनके साथ आए हजारों देवलुओं की व्यवस्थाओं का दायित्व बीते लगभग एक सप्ताह से प्रशासनिक अमले ने पूरी सक्रियता के साथ संभाला हुआ है।

मेले के सफल आयोजन में आईएएस, आईपीएस, एचएएस और एचपीएस अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहती है। कानून व्यवस्था की कमान संभालने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, मंच व्यवस्था और अतिथियों की सुरक्षा—इन सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन इन्हीं अधिकारियों के कंधों पर होता है। आवश्यकता पड़ने पर विभागाध्यक्षों से जवाब-तलब भी किया जाता है ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रह जाए।

दूसरी जलेब में दिखी प्रशासनिक सादगी

मेले की दूसरी भव्य जलेब जब पड्डल मैदान स्थित मेला ग्राउंड पहुंची और मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया का संबोधन प्रारंभ हुआ, उस समय एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। मैदान में ड्यूटी दे रहे दो आईएएस/एचएएस और एक एचपीएस अधिकारी आम लोगों के बीच बैठकर कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।

 

उनके चेहरे पर थकान के बजाय संतोष और मुस्कान थी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देख वे भी उतने ही भाव-विभोर दिखे जितने आम श्रद्धालु। यह दृश्य दर्शाता है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी अधिकारी इस ऐतिहासिक मेले की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़े रहते हैं।

सैकड़ों देवी-देवताओं की जलेब, हजारों देवलुओं की भागीदारी और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं होता। फिर भी प्रशासन और सामाजिक संस्थानों के सहयोग से मेले का आयोजन अनुशासित और गरिमामय ढंग से संपन्न हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मंडी की पहचान और हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है—जिसे सफल बनाने में प्रशासनिक तंत्र की सजगता और प्रतिबद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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