सुभाष ठाकुर*******
हिमाचल प्रदेश के मंडी में रविवार को आयोजित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ईडी और अन्य जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर आम आदमी पार्टी के नेताओं को झूठे मामलों में फंसा कर सत्ता की हब्शी भाजपा को विकास करना नहीं आता।
उन्होंने सीधे नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि “भाजपा सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।” सिसोदिया ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं—जिनमें अरविंद केजरीवाल और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन शामिल हैं को लंबे समय तक जेल में रखकर विकास कार्यों को बाधित किया गया।
सिसोदिया ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी की सरकारों के कामकाज को भी मजबूती से सामने रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए गए सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारा गया, मोहल्ला क्लीनिक शुरू किए गए और आम जनता को बेहतर सुविधाएं दी गईं।
वहीं पंजाब में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, बिजली राहत और जनहित योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “आप जहां भी सरकार बनाती है, वहां काम दिखाई देता है।
हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर सवाल
सिसोदिया ने हिमाचल प्रदेश की मौजूदा कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर मंच पर आर्थिक संकट का हवाला देती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर वेतन कटौती का दबाव है, विकास कार्य ठप पड़े हैं और प्रदेश कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। साथ ही, पूर्व भारतीय जनता पार्टी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह सत्ता में आने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग करती आई है।
भाजपा-कांग्रेस की अदला-बदली पर सवाल
अपने संबोधन में सिसोदिया ने प्रदेश की पारंपरिक राजनीति पर बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि “एक बार भाजपा, एक बार कांग्रेस इस अदला-बदली से जनता अब थक चुकी है।”
यही वजह है कि अब हिमाचल की जनता तीसरे विकल्प की ओर देख रही है, जहां आम आदमी पार्टी खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
2027 की तैयारी और ‘आप’ की हुंकार
मंडी में हुए इस सम्मेलन ने न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरा, बल्कि प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। सिसोदिया की आक्रामक शैली और सीधे आरोपों ने यह साफ कर दिया है कि आम आदमी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही रफ्तार बनी रही, तो हिमाचल प्रदेश में “थर्ड फ्रंट” की राजनीति को नई दिशा मिल सकती है—और उसमें सबसे मजबूत दावेदार आम आदमी पार्टी बनकर उभर रही है।
