मानसून से पहले बीबीएमबी ने चलाया जन-जागरूकता अभियान, जनप्रतिनिधियों ने उठाए बाढ़ सुरक्षा और विकास कार्यों के मुद्दे

मानसून से पहले बीबीएमबी ने चलाया जन-जागरूकता अभियान, जनप्रतिनिधियों ने उठाए बाढ़ सुरक्षा और विकास कार्यों के मुद्दे

अमर ज्वाला /पण्डोह

आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए बीबीएमबी पंडोह द्वारा बुधवार को जन-जागरूकता अभियान के तहत बीबीएमबी रेस्ट हाउस, जनरल कॉलोनी पंडोह में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र की छह से सात पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान तथा बीडीसी सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता (इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल) चंद्र मोहन ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए चंद्र मोहन ने बताया कि मानसून के दौरान जलाशय में जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी को डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में छोड़ा जाता है। ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बीबीएमबी द्वारा सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को समय रहते सतर्क करने के उद्देश्य से पंडोह से मंडी तक हूटर एवं ईडब्ल्यूएस (अर्ली वार्निंग सिस्टम) स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त वाहनों के माध्यम से उद्घोषणाएं, समाचार पत्रों तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए भी समय-समय पर लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि पंडोह से मंडी तक के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों के मोबाइल नंबरों को जोड़कर एक समूह बनाया जाएगा, जिसके माध्यम से डैम से संबंधित चेतावनी एवं सतर्कता संदेश सीधे उनके मोबाइल फोन पर भेजे जाएंगे।

बैठक के दौरान ग्राम पंचायत पंडोह के उपप्रधान ने कहा कि पंडोह बाजार में हर वर्ष बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इसे रोकने के लिए बीबीएमबी द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीबीएमबी ने अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए पत्थर की दीवार का निर्माण कर लिया है, जबकि पंडोह बाजार की सुरक्षा की अनदेखी की गई है। उन्होंने सीएसआर मद के तहत पंडोह बाजार से तवा रफी तक स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग भी उठाई।

ग्राम पंचायत घ्राण के प्रधान हेमराज ने बताया कि पिछली बाढ़ में पंचायत घर सहित कई संस्थान प्रभावित हुए थे। वर्तमान समय में भी लगभग 100 लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में स्पष्ट कार्य योजना प्रस्तुत करने की मांग की।

बैठक में उपस्थित अन्य प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी बीबीएमबी से संबंधित विभिन्न समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पंडोह, सयोग, घ्राण, मेहणी, नागधार तथा हटौन के प्रधान एवं उपप्रधान उपस्थित रहे।

नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं सयोग पंचायत के उपप्रधान फतेह राम ने चेतावनी दी कि यदि बीबीएमबी स्थानीय क्षेत्र के सामाजिक एवं विकासात्मक कार्यों की ओर ध्यान नहीं देता है तो जनप्रतिनिधियों को आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

बैठक के अंत में अधिशासी अभियंता चंद्र मोहन ने सभी जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बैठक में उठाई गई मांगों एवं समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा जो मामले स्थानीय स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान किया जाएगा।

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