संगठन लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से कमजोर पड़ा, अब कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर जनाधार मजबूत करने की चुनौती
अमर ज्वाला//मंडी
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (सदर मंडी) की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। संगठन महासचिव विनोद जिंटा द्वारा जारी अधिसूचना में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, सलाहकार, कार्यकारिणी सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य, जोन अध्यक्ष तथा पंचायत अध्यक्षों सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। नई कार्यकारिणी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस संगठन लंबे समय से अपेक्षाकृत निष्क्रिय माना जा रहा था। ऐसे में नई कार्यकारिणी की घोषणा को संगठन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि अब बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर कांग्रेस की मजबूती के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
कांग्रेस की प्रदेश में सरकार होने के बावजूद अनेक कार्यकर्ताओं के बीच यह भावना देखने को मिलती रही है कि संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद पहले जैसा मजबूत नहीं रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संगठन को मजबूत बनाना है तो कार्यकर्ताओं से निरंतर संपर्क, उनकी भागीदारी और सक्रियता सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।
जैन जी का दौर चला हुआ है ,इस संदर्भ में उल्लेख किया जा रहा है। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी की मूल विचारधारा को व्यवहार में उतारना समय की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि वरिष्ठ नेतृत्व केवल सीमित दायरे तक ही सक्रिय रहेगा और जमीनी कार्यकर्ताओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिलेगा, तो संगठनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है। कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि पार्टी का जनाधार और विश्वास दोनों मजबूत हों।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संगठन गांव-गांव तक कितना प्रभावी ढंग से पहुंच बनाता है और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को किस प्रकार संगठित करता है।
