आईआईटी मंडी में 19-20 सितंबर को दो दिवसीय सम्मेलन, उद्योग जगत के दिग्गजों, विशेषज्ञों और भावी प्रबंधकों का जुटेगा जमावड़ा

एआई अपनाने से आगे बढ़कर कारोबार में मूल्य सृजन पर होगा मंथन

अमर ज्वाला//मंडी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के प्रबंधन विद्यालय की ओर से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नेतृत्व पर आधारित प्रमुख सम्मेलन **एआईएक्ससेलरेट 4.0 का आयोजन 19 और 20 सितंबर को आईआईटी मंडी के कमांद परिसर में किया जाएगा। इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘नई पीढ़ी का कृत्रिम बुद्धिमत्ता नेतृत्व : क्षितिज के पार से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावसायीकरण तक’ रखा गया है।

दो दिवसीय सम्मेलन में उद्योग जगत के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता, विषय विशेषज्ञ, पेशेवर, संकाय सदस्य और विद्यार्थी एक मंच पर जुटेंगे। सम्मेलन में इस बात पर विचार-विमर्श किया जाएगा कि संगठन केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने तक सीमित न रहकर इससे मापनीय, व्यापक और दीर्घकालिक व्यावसायिक लाभ किस प्रकार हासिल कर सकते हैं।

केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता अपनाना ही पर्याप्त नहीं

सम्मेलन में इस महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा होगी कि बड़े स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाना अपने आप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त की गारंटी नहीं है। संगठनों को यह भी आकलन करना होगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पादकता, आय, ग्राहक अनुभव, नवाचार और निर्णय लेने की क्षमता में कितना वास्तविक सुधार हुआ है।

इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मूल्य सृजन से जुड़े नेतृत्व, संगठनात्मक बदलाव और आर्थिक प्रभाव जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।

तीन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा

सम्मेलन के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में हो रहे बदलावों को तीन प्रमुख विषयों के माध्यम से समझने का प्रयास किया जाएगा। पहले विषय में उत्पादकता और स्वचालन से रणनीतिक बढ़त की ओर बढ़ने पर चर्चा होगी। इसमें बेहतर निर्णय लेने, विशिष्ट ग्राहक अनुभव, नवाचार और संगठनात्मक क्षमताओं के विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर विचार किया जाएगा।

दूसरे विषय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अपनाने से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और विकास पर मंथन होगा। इसमें ग्राहक जोड़ने, व्यक्तिगत जरूरत के अनुरूप सेवाएं देने, नए उत्पादों और सेवाओं के विकास तथा आय बढ़ाने के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता को जोड़ने के तरीकों पर चर्चा होगी।

तीसरे विषय में प्रारंभिक प्रयोग से लाभ और व्यापक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विस्तार पर विचार किया जाएगा। इसमें आंकड़ा ढांचे, प्रबंधन व्यवस्था, तकनीकी एकीकरण, कर्मचारियों की तैयारी, मानवीय निगरानी और बड़े स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़ी लागत जैसे विषय शामिल होंगे।

निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा बोले, प्रौद्योगिकी का वास्तविक चुनौतियों से जुड़ाव जरूरी

आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता संगठनों के निर्णय लेने और मूल्य सृजन के तरीकों में बदलाव ला रही है। आईआईटी मंडी में यह माना जाता है कि सार्थक नवाचार तब सामने आता है, जब प्रौद्योगिकी का प्रबंधन, उद्यमिता और वास्तविक जीवन की चुनौतियों के साथ समन्वय हो। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उद्योग के अनुभव, अकादमिक चिंतन और युवा प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करेगा।

आईआईटी मंडी के प्रबंधन विद्यालय के अध्यक्ष प्रो. अंजन के. स्वैन ने कहा कि एआईएक्ससेलरेट प्रबंधन शिक्षा को उद्योग जगत में हो रहे बदलावों से जोड़ता है। इस वर्ष सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने से आगे बढ़कर मूल्य सृजन, विस्तार, नेतृत्व और व्यावसायीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भावी प्रबंधकों के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

विद्यार्थियों को वास्तविक कारोबारी चुनौतियों से जुड़ने का अवसर

सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण **उद्योग आधारित मामला प्रतियोगिता** होगी। इसमें विद्यार्थी दल वास्तविक कारोबारी और प्रबंधकीय चुनौतियों का विश्लेषण करेंगे तथा उनके समाधान के लिए अपनी सिफारिशें तैयार कर निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

इस प्रक्रिया में व्यावसायिक रणनीति, विश्लेषणात्मक सोच और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार को एक साथ जोड़ा जाएगा।

सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य, परिचर्चाएं, मार्गदर्शन सत्र, उद्योग-अकादमिक विचार-विमर्श, विद्यार्थी प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी। मार्गदर्शन सत्रों में विद्यार्थियों को अनुभवी उद्योग विशेषज्ञों के साथ रोजगार, नेतृत्व और व्यवसाय पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिलेगा।

 19 सितंबर से शुरू होगा सम्मेलन

कार्यक्रम की शुरुआत 19 सितंबर को उद्घाटन सत्र से होगी। इसके बाद पहली परिचर्चा, मार्गदर्शन और उद्योग-अकादमिक संवाद आयोजित किए जाएंगे। 20 सितंबर को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से तीव्र विकास और इसके व्यापक विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद विद्यार्थी प्रस्तुतियां, मार्गदर्शन सत्र और समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

आईआईटी मंडी के अनुसार सम्मेलन के पिछले संस्करणों में स्टारबक्स इंडिया, बीएनवाई, जेएसडब्ल्यू स्टील, निप्पॉन इंडिया, वीआईपी इंडिया, पावरिका, ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी और सेल्सफोर्स सहित विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ पेशेवर भाग ले चुके हैं।

जैसे-जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोग के स्तर से आगे बढ़कर संगठनों की कार्यप्रणाली का हिस्सा बन रही है, सम्मेलन में उन निर्णयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो इसके व्यावसायिक प्रभाव को निर्धारित करेंगे। इसमें यह भी विचार किया जाएगा कि संगठनों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में कहां निवेश करना चाहिए, किन पहलों का विस्तार किया जाना चाहिए, इससे मिलने वाले मूल्य को किस प्रकार मापा जाए और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमताओं को टिकाऊ प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त में बदलने के लिए किस प्रकार के नेतृत्व की आवश्यकता होगी।

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