हिमाचल प्रदेश की व्यवस्था परिवर्तन सरकार की बड़ी कार्रवाई: चिट्टा तस्करी में शामिल 11 पुलिस कर्मी बर्खास्त

अमर ज्वाला //शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 11 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था परिवर्तन करने वाली कांग्रेस सरकार का परिणाम सामने आने लगा है कि जहां पिछले कई वर्षों से हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ियों के युवाओं को चिट्ठे की बेड़ियों में धकेला जा रहा था । मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की व्यवस्था करने आई कांग्रेस सरकार ने देश के भविष्य युवकों को इस मौत के जाल से बाहर करने के लिए बड़ा कदम उठाया हुआ है । जिसका परिणाम अब प्रदेश की जनता के सामने आ चुका है , कि रक्षक ही भक्षक बन कर युवाओं को इस ज़हरीले नशे में धकेल रहे थे। पुलिस विभाग के इन कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की चिट्टा और नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के अनुरूप, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाए जाने पर की गई है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई है ।

बर्खास्त किए गए पुलिस कर्मियों में भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, जिला बिलासपुर में तैनात पुलिस कांस्टेबल शुभम ठाकुर, भारतीय रिजर्व बटालियन पंडोह में तैनात कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल शिव कुमार, जिला शिमला पुलिस में तैनात कांस्टेबल लक्ष्य चौहान, एसवी एंड एसीबी में तैनात कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर, भारतीय रिजर्व बटालियन जंगलबैरी में तैनात कांस्टेबल गौरव वर्मा, भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह में तैनात कांस्टेबल/ड्राईवर संदीप राणा, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल अंकुश कुमार, स्टेट सीआईडी में तैनात कांस्टेबल रजत चंदेल तथा जिला शिमला में तैनात कांस्टेबल राहुल वर्मा शामिल हैं ।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की है। अगर पुलिस कर्मी ही चिट्टा गतिविधियों में शामिल होंगे तो इस तरह की सख्त कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी और चिट्टा गतिविधियों में शामिल सभी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसकी सूचना मुख्य सचिव को शीघ्र प्रदान की जाए ।

क्या आप जानना चाहते हैं कि हिमाचल प्रदेश सरकार चिट्टा तस्करी के खिलाफ और क्या कदम उठा रही है? या आप जानना चाहते हैं कि चिट्टा तस्करी में शामिल अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है?

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