अमर ज्वाला// शिमला
सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची की पात्रता शर्तों में अहम बदलाव करते हुए जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए संशोधनों के बाद अब वे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे, जिन्हें पहले पक्का मकान होने या आयु मानदंड के कारण अपात्र करार दिया गया था। इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पालरासु ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई परिवार विभाग द्वारा निर्धारित अन्य अनिवार्य पात्रता मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे केवल पक्का मकान होने के आधार पर चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति 15 जनवरी तक पात्र परिवारों की सूची तैयार कर अधिसूचित करेगी।
इसके अलावा बीपीएल पात्रता से जुड़े आयु मानदंड में भी बड़ा संशोधन किया गया है। पहले जहां बच्चों की आयु सीमा 18 वर्ष से कम निर्धारित थी, उसे बढ़ाकर 27 वर्ष कर दिया गया है। वहीं वयस्क सदस्यों की आयु सीमा भी अब 18 से 59 वर्ष के स्थान पर 27 से 59 वर्ष तय की गई है। इस बदलाव से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनके आवेदन पहले केवल आयु मानदंड के कारण खारिज कर दिए गए थे।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रथम चरण में पूर्ण हो चुकी चयन प्रक्रिया और सूचियां यथावत रहेंगी। जिला विकास अधिकारी बिलासपुर यशपाल सिंह परमार और बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने नए मानदंडों की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे निर्धन परिवारों को पक्का मकान होने के बावजूद बीपीएल योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
बॉक्स : खारिज आवेदनों की होगी दोबारा समीक्षा
आयु छूट के आधार पर पहले खारिज किए गए आवेदनों की पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि किसी परिवार के खिलाफ अन्य कोई अपात्रता नहीं पाई जाती है, तो उसे बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। संशोधित नियमों के तहत पुराने और नए दोनों प्रकार के आवेदन 25 जनवरी तक खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करवाए जा सकते हैं। सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्रों की अंतिम सूची एसडीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा 31 जनवरी तक अधिसूचित की जाएगी।
