सुभाष ठाकुर //मंडी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दुर्गम पहाड़ी भूगोल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद NHAI ने प्रदेश में आधुनिक और सुरक्षित सड़क अवसंरचना विकसित कर कनेक्टिविटी को नई मजबूती प्रदान की है।
हिमाचल प्रदेश में परवाणू-शिमला और कीरतपुर-मनाली जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण NHAI द्वारा किया गया है, जबकि शिमला-मटौर तथा पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ तेजी से प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना का शुभारंभ 11 मार्च 2024 को किया गया था, जिसे NHAI ने रिकॉर्ड समय में पूरा कर एक नई मिसाल कायम की। इस परियोजना के अंतर्गत पुराने 116 किलोमीटर लंबे पहाड़ी मार्ग के स्थान पर 79 किलोमीटर लंबा फोरलेन विकसित किया गया है, जिससे यात्रियों को लगभग 37 किलोमीटर की दूरी और करीब ढाई घंटे के यात्रा समय की बचत हुई है।

परियोजना के तहत तीखे और खतरनाक मोड़ों को चौड़ी एवं सीधी फोरलेन सड़कों में परिवर्तित किया गया है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम में उल्लेखनीय कमी आई है। सुंदरनगर, नेरचौक और बिलासपुर जैसे शहरों के आसपास निर्मित बायपास से अब भारी वाहनों का दबाव शहरी क्षेत्रों से हट गया है, जिससे जाम, प्रदूषण और शोर में कमी आई है।
इसके अलावा, सुरंगों के निर्माण से मानसून के दौरान होने वाले जलभराव और बार-बार मार्ग अवरोध जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हुआ है। इससे वर्षभर निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित हो पाया है।
कीरतपुर-नेरचौक सहित चंडीगढ़-मनाली कॉरिडोर पर विकसित की गई परियोजनाएँ यात्रा को न केवल तेज़, सुरक्षित और आरामदायक बना रही हैं, बल्कि लेह और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच को भी सुदृढ़ कर रही हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इन परियोजनाओं का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सेब सहित कृषि उत्पादों, सीमेंट और औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन में समय और लागत में कमी आई है। निर्माण कार्य, टोल संचालन, सड़क रखरखाव और सड़क किनारे सुविधाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से होटल, होमस्टे, टैक्सी सेवाओं और ढाबों को लाभ पहुंच रहा है। साथ ही, उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों के कारण पहाड़ी यात्रा के दौरान होने वाली असहजता और मोशन सिकनेस में भी कमी देखी जा रही है।

टोल प्लाज़ा के पास विकसित विश्राम स्थल, सुव्यवस्थित जंक्शन, स्पष्ट साइनबोर्ड और रोड मार्किंग जैसी सुविधाओं ने यात्रा को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया है। NHAI आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क अवसंरचना के विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और ये परियोजनाएँ “बिल्डिंग ए नेशन” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
