आईआईटी मंडी ने एआई-आधारित नेत्र चिकित्सा को बढ़ावा देने हेतु डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

अमर ज्वाला //मंडी 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी, देश के अग्रणी आईआईटी संस्थानों में से एक, ने डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के साथ नेत्र रोगों के एआई-आधारित निदान और उपचार पर अनुसंधान करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और चिकित्सकीय विशेषज्ञता के संयोजन के माध्यम से नेत्र रोगों की प्रारंभिक पहचान और उपचार के लिए प्रभावी, व्यावहारिक एवं स्केलेबल समाधान विकसित करना है।

इस एमओयू पर हस्ताक्षर आईआईटी मंडी के डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) डॉ. श्याम कुमार मसकापल्ली और डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के निदेशक (इनोवेशंस) डॉ. वीरेंद्र सिंह सांगवान द्वारा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए।

इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा, “सतत स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए अकादमिक और चिकित्सा क्षेत्र के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। यह साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वदेशी और प्रभावशाली समाधान विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

इस पहल के तकनीकी पहलू पर प्रकाश डालते हुए, आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर डॉ. दिनेश सिंह ने कहा, “हमारा ध्यान ऐसे एआई-आधारित निदान प्रणालियों के विकास पर है जो न केवल उच्च सटीकता प्रदान करें, बल्कि सार्थक क्लिनिकल व्याख्या भी दें। वास्तविक क्लिनिकल डेटा और उन्नत मशीन लर्निंग तकनीकों के एकीकरण के माध्यम से, हम ऐसे समाधान विकसित करने का लक्ष्य रखते हैं जो नेत्र रोग विशेषज्ञों को प्रभावी रूप से सहयोग प्रदान कर सकें।”

 

इस एमओयू के तहत, दोनों संस्थान अनुसंधान एवं विकास पहलों पर मिलकर कार्य करेंगे, जिसमें एआई-आधारित निदान उपकरणों का क्लिनिकल वैलिडेशन और अस्पतालों में उनका कार्यान्वयन शामिल है। प्रमुख फोकस क्षेत्रों में मेडिकल इमेजिंग डेटाबेस का विकास, एक्सप्लेनेबल एआई एल्गोरिद्म, और स्केलेबल हेल्थकेयर समाधान शामिल हैं।

यह सहयोग इंटर्नशिप, अंतःविषय प्रशिक्षण, विशेषज्ञ व्याख्यान और संयुक्त अनुसंधान मार्गदर्शन के माध्यम से अकादमिक-उद्योग संबंधों को भी सुदृढ़ करेगा। यह पहल आईआईटी मंडी की कृत्रिम बुद्धिमत्ता में विशेषज्ञता, विशेष रूप से इसके विजुअल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (VIML) समूह के कार्यों पर आधारित है, जो कंप्यूटर विजन, मल्टी-मॉडल एआई और मेडिकल इमेजिंग जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान कर रहा है।

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