एक साल से हवा में लटका स्कूल भवन, 71 नौनिहालों की पढ़ाई और सुरक्षा पर संकट
अमर ज्वाला//0बालीचौकी
जिला मंडी के बालीचौकी उपमंडल की माणी पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला माणी का भवन पिछले एक वर्ष से भूस्खलन के बाद हवा में लटका हुआ है। बरसात का मौसम शुरू होते ही बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके बावजूद अब तक न तो भवन को सुरक्षित करने के लिए कोई स्थायी कदम उठाया गया है और न ही नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो पाई है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में हुई भारी बारिश के दौरान स्कूल भवन के नीचे की भूमि खिसक गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन के समीप लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क की कटिंग की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया। परिणामस्वरूप स्कूल भवन का एक बड़ा हिस्सा हवा में लटक गया और आज भी उसी स्थिति में बना हुआ है। यह भवन लगभग सात से आठ वर्ष पूर्व सड़क के ऊपर निर्मित किया गया था।
भवन के असुरक्षित होने के कारण प्री-प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला माणी के भवन के दो कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में प्री-प्राइमरी और प्राथमिक विद्यालय में कुल 71 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में विद्यार्थियों की संख्या इससे अलग और कहीं अधिक है। सीमित कमरों की उपलब्धता के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा बच्चों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष के दौरान शिक्षा विभाग न तो भवन के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण कर पाया है और न ही जर्जर एवं खतरनाक भवन को हटाकर नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल की गई है। बरसात के दिनों में भवन के और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन का तकनीकी मूल्यांकन किया गया है। विभाग ने अपनी रिपोर्ट में भवन की अनुमानित कीमत आंकी है। जानकारी मिली है कि भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसके ऑक्शन (नीलामी) की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि शिक्षा विभाग को भवन से कुछ राशि प्राप्त हो सके और भविष्य में नए भवन के निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा तैयार मूल्यांकन रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है। अब प्रशासनिक स्तर पर आगामी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाए तथा नए स्कूल भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
