सिरमौर
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने हिमाचल प्रदेश के राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के मंडलीय प्रबंधक शुक्रवार को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
रिश्वत लेने के आदि अधिकारियों की कमी नहीं है वन विभाग ही नही बल्कि सरकार का कोई भी विभाग ऐसा नही जहां रिश्वत लेने वालों की कमी हो कोई न कोई बीच में बैठा ही है अपनी तिजोरियां भरने वाला।
डीएम ने एक ठेकेदार से बिल पास करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।
ठेकेदार ने विजिलेंस में शिकायत कर दी। शिकायत में उसने बताया कि वन विकास निगम के मंडलीय प्रबंधक (डिविजनल मैनेजर वन) अश्वनी कुमार वर्मा 67 लाख रुपये के बकाया बिल को पास करने की एवज में दो फीसदी कमीशन मांग कर रहे हैं।
कमीशन न देने पर बिल पास न करने की बात कही। शिकायत के बाद विजिलेंस ने अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया और पूरी योजना के तहत रिश्वत खोर डीएम को विजिलेंस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी ठेकेदार से रिश्वत के पैसे लेने लगा तो विजिलेंस टीम ने तुरंत दबिश देकर अधिकारी को पकड़ लिया।
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला की एसपी अंजुम आरा ने अधिकारी को रिश्वत लेने पकड़ने की पुष्टि की है। बताया कि आरोपी के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।
