अमर ज्वाला//मंडी
देश में KYC के नाम पर जनता को परेशान किया जा रहा है। बैंक, डिपो, पटवारी, पंचायत और अन्य कार्यालयों में KYC करवाने के लिए लोगों को लाइनों में खड़ा किया जा रहा है, लेकिन सिस्टम में खामियों के कारण लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
केंद्र सरकार के दावे खोखले हैं – 2022 में किसानों की आय डबल करने का दावा, लेकिन फसल बीमा योजनाओं में लाखों करोड़ों का घोटाला; 2025 में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्षय रोग से मुक्त करने का दावा, लेकिन आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं; 2025 में देश की जीडीपी 5 ट्रिलियन करने का दावा, लेकिन रुपया के मुकाबले डॉलर बढ़ता जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व में दिए हुए वक्तव्य हैं – “देश के विकास के लिए हमें जातिवाद और धर्मवाद से ऊपर उठना होगा”, “हम देश के किसानों, बागवानों, व्यापारियों, मजदूरों, कर्मचारियों के लिए काम करेंगे”।
क्या केंद्र सरकार जमीनी स्तर पर कार्य करेगी और देश के विकास के लिए काम करेगी, या फिर धर्म और जातिवाद के नाम पर लोगों को बांटती रहेगी?
