भुभुजोत टनल से बदलेगी हिमाचल की कनेक्टिविटी, कांगड़ा–कुल्लू दूरी 55 किमी घटेगी
***डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू, दो लेन सड़क और टनल से मंडी–कुल्लू क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
अमर ज्वाला // मंडी
मंडी और कुल्लू जिलों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में भुभुजोत टनल निर्माण की दिशा में काम तेज हो गया है। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जानकारी दी कि शिल्हबुधाणी–भुभुजोत–कुल्लू सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना सामरिक और पर्यटन दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रक्षा मंत्रालय द्वारा इसे रणनीतिक रूप से अहम माना गया है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस मार्ग को दो लेन सड़क के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
भुभुजोत टनल बनने के बाद कांगड़ा से कुल्लू के बीच की दूरी करीब 55 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे न केवल सफर आसान होगा बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। खासकर दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल पाएगी।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। भुभुजोत टनल परियोजना इसी दिशा में एक अहम कदम है, जो भविष्य में मंडी, कुल्लू और कांगड़ा के बीच आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करेगी।
स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि इससे क्षेत्र के विकास, रोजगार के अवसर और पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
