स्थाई दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए उठाई आवाज, सालभर दुकानें चलाने वाले कारोबारियों को त्योहार के सीजन में हो रहा नुकसान
अमर ज्वाला//मंडी
दिवाली के त्योहार के दौरान शहर में अस्थायी मिठाई की दुकानें लगाए जाने का विरोध शुरू हो गया है। मंडी हलवाई एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर दिवाली के दौरान अस्थायी मिठाई की दुकानों की स्थापना पर रोक लगाने अथवा उन्हें नियंत्रित करने की मांग उठाई है।
एसोसिएशन का कहना है कि शहर के स्थानीय हलवाई और मिठाई विक्रेता पूरे साल अपनी दुकानें चलाते हैं। उन्हें दुकानों का किराया, बिजली-पानी के बिल, टैक्स, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च नियमित रूप से वहन करने पड़ते हैं। सामान्य दिनों में कारोबार कम रहने के बावजूद उन्हें अपने प्रतिष्ठानों को संचालित रखने के लिए आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। वहीं, दिवाली का त्योहार उनके कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा है कि त्योहार के दौरान अस्थायी मिठाई की दुकानें लगाने की अनुमति मिलने से बाहर से आने वाले विक्रेताओं को फायदा पहुंचता है, जबकि शहर के स्थायी दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्थायी कारोबारी सालभर खर्च उठाते हैं, लेकिन त्योहार के कुछ दिनों में अस्थायी दुकानें लगाकर कारोबार करने वाले विक्रेताओं पर वैसा आर्थिक दायित्व नहीं होता।
हलवाई एसोसिएशन ने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया है कि दिवाली के दौरान अस्थायी मिठाई की दुकानों की स्थापना को प्रतिबंधित करने या उनके संचालन को उचित नियमों के तहत नियंत्रित करने पर विचार किया जाए। एसोसिएशन ने कहा कि प्रशासन को स्थानीय व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जिससे सालभर कारोबार करने वाले दुकानदारों के साथ अन्याय न हो।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन हलवाई एसोसिएशन की इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और दिवाली के दौरान अस्थायी मिठाई की दुकानों को लेकर क्या व्यवस्था बनाई जाती है।
