लाहौल-स्पीति में सर्दियों से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, बर्फबारी से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश

उपायुक्त निवेदिता नेगी ने विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां, सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा

अमर ज्वाला//केलांग

जिला लाहौल-स्पीति में आगामी शीतकालीन मौसम और संभावित भारी बर्फबारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष निवेदिता नेगी ने सभी विभागों को समयबद्ध एवं आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बर्फबारी के दौरान लोगों को मूलभूत सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की कमी का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सड़क संपर्क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने बर्फबारी संभावित क्षेत्रों में मशीनरी, उपकरणों और कर्मचारियों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को बर्फबारी के कारण बंद होने वाली सड़कों को जल्द बहाल करने के लिए पर्याप्त मशीनरी और संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए। दोनों विभागों को अपनी-अपनी मशीनरी की सूची आपस में साझा करने को भी कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।

बिजली व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने थिरोट पावर हाउस से आपातकालीन वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बर्फबारी के दौरान मनाली की ओर से विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में घाटी में बिजली की समस्या से बचाव करना है। वहीं, जल शक्ति विभाग को सर्दियों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया।

स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों का भंडारण, एंबुलेंस सेवाओं की तत्परता और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शीतकालीन जरूरतों के अनुरूप आवश्यक दवाइयां खरीदी जा चुकी हैं और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उनका वितरण किया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए जिला के सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रत्येक पंचायत में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित करने तथा उपयुक्त भवनों को राहत आश्रय स्थल के रूप में चिह्नित करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में ईंधन के लिए जलावन लकड़ी का वितरण जल्द सुनिश्चित किया जाएगा।

उपायुक्त ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उपमंडल अधिकारियों और सीमा सड़क संगठन को अपने सैटेलाइट फोन सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए, ताकि आपदा अथवा संचार व्यवस्था बाधित होने की स्थिति में संपर्क बनाए रखा जा सके।

बैठक में सिस्सू क्षेत्र में बर्फबारी के दौरान वाहनों के फंसने की आशंका, प्रभावित क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन, अग्निशमन वाहनों के लिए पानी की व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्रों के लिए उपकरणों की खरीद और विभिन्न राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक ईंधन का भंडारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में पीओ आईटीडीपी अश्वनी कुमार, एसडीएम कुनिका एकर्स, डीएफओ इन्द्रजीत सीरा, डीएसपी केडी शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी संजय कुमार, बीडीओ मनीष राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी चमन सिंह ठाकुर, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अश्वनी कुमार गुलेरिया, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता अजय गुप्ता, विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता सूर्यकांत शर्मा तथा बीआरओ 94 आरसीसी के मेजर पारस कोचर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं, एसडीएम उदयपुर ओम प्रकाश, एडीसी काजा शिखा सिमटिया और बीआरओ के अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लेकर तैयारियों की जानकारी साझा की।

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