अमर ज्वाला //मंडी
मंडी में दो दिन बाद होने वाली भाजपा की राज्य स्तरीय कार्यसमिति बैठक से पहले ही संगठन की मजबूती के दावों के साथ-साथ पार्टी के भीतर हलचल भी तेज हो गई है। शीर्ष नेतृत्व की प्रेसवार्ता में कई विधायकों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
मंडी में आयोजित भाजपा की प्रेसवार्ता में एक ओर जहां संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और 2027 के चुनावों में सत्ता परिवर्तन के दावे किए गए, वहीं दूसरी ओर जिले के 9 भाजपा विधायकों की संख्या होते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉक्टर बिंदल और नेता प्रतिपक्ष के साथ बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी के सिवाय कोई शामिल नहीं रहा ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मौजूदगी में हुई इस प्रेसवार्ता से जिले के 9 में से 7 भाजपा विधायक दूर रहे। यहां तक कि स्थानीय विधायक अनिल शर्मा भी इसमें शामिल नहीं हुए।
पत्रकारों के सवालों पर डॉ. बिंदल ने सफाई देते हुए कहा कि किसी भी विधायक को औपचारिक रूप से नहीं बुलाया गया था और केवल बल्ह के विधायक को व्यवस्थाओं के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार प्रेसवार्ता से पहले सदर विधायक से संपर्क कर उनकी उपस्थिति को लेकर पूछताछ भी की गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंडी जैसे बड़े जिले में होने जा रही दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक से पहले पार्टी नेतृत्व गुटबाजी की किसी भी संभावना को सार्वजनिक तौर पर उभरने नहीं देना चाहता।
इस दौरान डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा लगातार बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर रही है और पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 171 मंडलों का गठन किया जा चुका है और करीब 8000 पोलिंग बूथों पर संगठनात्मक ढांचा तैयार किया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि 6 और 7 अप्रैल को मंडी में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होगी, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता भी भाग लेंगे। बैठक में संगठन विस्तार और केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर विशेष प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल में जनहित के बजाय विवादित निर्णयों के लिए जानी जा रही है।
